
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने जेएमएम-कांग्रेस सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों का समाधान करने और छात्रों की समस्याओं का जवाब देने के बजाय सरकार अब आंदोलन करने वाले छात्रों पर मुकदमे का दबाव बना रही है। छात्रों की आवाज दबाने के लिए मुख्य सचिव से मिलने की कवायद सरकार की संवेदनहीनता और सामंती मानसिकता को उजागर करती है। संदीप वर्मा ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उनके साथ जिस तरह मारपीट और धक्का-मुक्की की गई, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान जेएमएम-कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ गुंडागर्दी की और प्रशासन पूरे मामले में मूकदर्शक बना रहा। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि छात्रों के साथ मारपीट करने वाले जेएमएम-कांग्रेस के कितने कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य के लाखों युवा वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्तियों की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितता के कारण उनका समय, पैसा और भविष्य दांव पर लगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि रद्द की गई 22 परीक्षाओं को लेकर सरकार की आगे की योजना क्या है? जेपीएससी का पुनर्गठन कब होगा और नियुक्ति प्रक्रिया कब सामान्य होगी? इन सवालों का जवाब सरकार के पास नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की परेशानी दूर करने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने में अपनी ताकत लगा रही है। वर्मा ने कहा कि सरकार को छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करनी चाहिए, जिनकी वजह से नियुक्ति प्रक्रिया सवालों के घेरे में आई है। संदीप वर्मा ने राज्य में पिछले वर्षों में सामने आए कथित घोटालों और अनियमितताओं को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि साहिबगंज में करीब 1200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले, शराब घोटाले तथा नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में सत्ता के करीबी लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने बालू, पत्थर, कोयला और लौह अयस्क के कारोबार से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग और नियुक्तियों तक भ्रष्टाचार के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई में अधिक रुचि दिखा रही है। हालांकि ये सभी आरोप राजनीतिक दलों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों अथवा अदालत के निष्कर्षों से ही होगी। भाजपा नेता ने एसीबी और सीआईडी की जांच पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और नियुक्ति से जुड़े इतने गंभीर आरोप सामने आए हैं तो राज्य की एजेंसियां कितनी निष्पक्षता से जांच कर पाएंगी, यह बड़ा सवाल है। शराब घोटाले में कार्रवाई और नियुक्ति संबंधी मामलों की जांच को लेकर भी उन्होंने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
संदीप वर्मा ने कहा कि जेएमएम और कांग्रेस को छात्रों के साथ खड़ा होकर नियुक्ति परीक्षाओं की अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करनी चाहिए थी। इसके बजाय छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर सरकार की सख्ती चिंता बढ़ाने वाली है। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्रों और उनके परिवारों की आवाज को दबाने की कोशिश सरकार के लिए भारी पड़ सकती है। जनता अपने बच्चों के भविष्य से जुड़े सवालों को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।
