
रांची से अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: कभी बाबूलाल मरांडी के साथ साये की तरह रहनेवाले और उनके बुरे दिनों में साथ रहनेवाले प्रदीप यादव को भी राजनीतिक भविष्य सुनहरा देखने की आस में राजनीतिक अवसरवादिता ने बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव को जुदा कर दिया। गिरिडीह के सेवाटांड से 2006 में बाबूलाल मरांडी के साथ भाजपा से जानेवालों में प्रदीप यादव भी साथ थे लेकिन 14 वर्ष के बाद बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव का साथ छूट गया। राजनीति में अपने फायदे और नुकसान को देखते हुए बाबूलाल मरांडी ने अपनी पार्टी जेवीएम से प्रदीप यादव को निष्कासित करने के बाद यह साबित कर ही दिया कि राजनीति में कोई किसी का अपना नहीं होता है और सभी अवसर की तलाश में साथ आते हैं और साथ छोड़ते हैं। प्रदीप यादव ने बाबूलाल मरांडी के साथ मिलकर झारखंड विकास मोर्चा को खड़ा किया था। झारखंड विकास मोर्चा ने जब 2009 में कां्रगेस के साथ गठबंधन किया था तो पार्टी के 11 विधायक चुनकर आये थे। जब शिबू सोरेन के नेतृत्व में महागठनबंधन की सरकार बनाने की बारी आयी तो बाबूलाल मरांडी ने शिबू सोरेन के नेतृत्व को स्वीकार नहीं किया था तभी उनकी पार्टी की सत्ता में आने की संभावना समाप्त हो गयी। उस समय भी बाबूलाल मरांडी को साथ देने का काम प्रदीप यादव ने ही दिया था।आजझारखंड विकास मोर्चा के विधायक प्रदीप यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। 4 फरवरी को झाविमो ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में विधायक यादव को शोकॉज नोटिस जारी किया था। इस संबंध में 48 घंटे में जवाब देने का समय दिया गया था, जिसकी अवधि आज समाप्त हो गयी। झाविमो के प्रधान महासचिव अभय सिंह ने कहा कि नियत समय में प्रदीप यादव की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इस वजह से झाविमो के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के निर्देशानुसार प्रदीप यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। झाविमो ने पार्टी विरोधी कार्य को लेकर प्रदीप यादव को नोटिस जारी किया था। इसमें कहा गया कि पिछले कुछ दिनों से आपके द्वारा पार्टी के खिलाफ विभिन्न समाचार पत्रों में दिए गए बयान पार्टी के अनुशासन के खिलाफ प्रतीत होते हैं। यहां तक कि पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ भी टिप्पणी की गई है। यह सब दर्शाता है कि आप पार्टी के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं और आप कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। विधायक बंधु तिर्की और प्रदीप यादव पर की गई कार्रवाई को अब झाविमो का भाजपा में विलय की कवायद से जोड़ कर देखा जा रहा है। झारखंड विधानसभा चुनाव में बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के तीन विधायकों ने जीत दर्ज की थी। इसमें बंधु तिर्की और प्रदीप यादव शामिल हैं। बंधु को पार्टी ने 21 जनवरी को ही निष्कासित कर दिया था। जेवीएम से निष्कासित दोनों विधायकों प्रदीप यादव और बंधु तिर्की ने गुरुवार शाम बैठक की। प्रदीप यादव के सरकारी आवास पर यह बैठक हुई। गौरतलब है कि अपने निष्कासन के बाद बंधु तिर्की विधायक प्रदीप यादव के आवास पर आए थे। गुरुवार को जब प्रदीप यादव का निष्कासन हुआ तो भी बंधु तिर्की प्रदीप यादव से मिलने पहुंचे। आगे की योजना के बाद में विधायकों ने कहा कि वे दोनों एक साथ हैं। दोनों का मन मिजाज एक-दूसरे से मिलता है। आनेवाले समय में वे राज्य के विकास के लिए संघर्ष करते रहेंगे। इधर, देवघर में झाविमो के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के भाजपा में विलय और प्रदीप यादव को नोटिस जारी करने के विरोध में मरांडी का पुतला जला दिया था। इस पर नागेश्वर सिंह, दिनेश मंडल और मनिकांत यादव को झाविमो से निष्कासित कर दिया गया। वहंीं प्रदीप यादव ने कहा है कि बाबूलाल मरांडी अपने स्वार्थ के कारण भाजपा में जाने का अपना रास्ता बना रहे हैं। प्रदीप यादव ने यह भी कहा कि बाबूलाल के इस रवैये के कारण मुझे काफी दुःख हुआ है और मैंने उस बाबूलाल मरांडी केे साथ आया था जो भाजपा के विरोध में पार्टी खड़ी करने का सपना बुना था। वहीं बंधू तिर्की ने बाबूलाल मरांडी को धन्यवाद देते हुए आगे का रास्ता तय करने की शुभकामनायें दी।
