रिम्स में एक संगठित गिरोह लड़कियों को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म का शिकार बनाता है, जदयू के विधायक सरयू राय ने दुष्कर्म की घटना की सीबीआई जांच की मांग की

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रांची : जदयू के विधायक सरयू राय ने रांची में डेंटल की छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के लिए एक संगठित जीरो ह रांची के रिम्स में सक्रिय होने का आरोप लगाया है l दुष्कर्म की घटना को लेकर सरयू राय ने सीबीआई जांच करने की मांग की है! रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने आश्वस्त किया है कि जन्मदिन मनाने के बहाना से डेंटल छात्रा के साथ व्यभिचार करने वालों और इसकी साज़िश रचने वालों को कड़ी सज़ा दिलवाएँगे. कल इस मुद्दे पर उनके साथ मेरी बात हुई. परंतु मेरा मानना है कि इतना ही पर्याप्त नहीं है. इस मामले में पुलिस की भूमिका एक छात्रा के साथ व्यभिचार करने वालों को सजा दिलाने तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए. इस मामले में पुलिस को जांच के क्षेत्र का विस्तार करना चाहिए.
सरयू राय ने कहा है कि मुझे विश्वसनीय सूचना मिली है कि रांची के जिस शैक्षणिक क्षेत्र में यह नृशंस घटना घटी है उस क्षेत्र में ऐसे कारनामे को अंजाम देने वाला एक संगठित गिरोह काम कर रहा है जो छात्राओं को विविध प्रकार से फँसाता है और एक बार कोई लड़की फँस जाती है तो उसे चारा बनाकर यह गिरोह अन्य लड़कियों को फाँसता है. इस मामले में ओली विश्वकर्मा नामक जो लड़की ने जन्मदिन मनाने के बहाने पीड़िता को घटनास्थल पर ले गई थी वह भी इसी प्रकार इस जालसाज़ गिरोह के चक्कर में फँसी थी और अब इस गिरोह के लिए काम कर रही है. ऐसी लड़कियों की बड़ी संख्या है जो इस गिरोह का शिकार बन चुकी हैंl

यह गिरोह फोटो लेकर एवं वीडियो बनाकर लड़कियों को भयाक्रांत करता है. लोक लाज के डर से सहमी हुई लड़कियां, जिनमें ज़्यादातर छात्राएँ होती हैं, अपना मुँह बंद कर लेती हैं और यही इस गिरोह की सबसे बड़ी ताक़त है. अद्यतन मामले में पीड़िता छात्रा ने इस जघन्य दुष्कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया, बहादुरी के साथ प्रतिकार किया. नतीजा है कि दुष्कर्मी पुलिस के चंगुल में गिरफ़्तार हो गए हैं. रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक इन दुष्कर्मियों को कठोर सजा दिलाने का आश्वासन दे रहे हैं पर इतना ही काफी नहीं है. न्याय का तक़ाज़ा है कि पुलिस इस गिरोह का पर्दाफाश करे, गिरोह के सरगना पर हाथ डाले. इस मामले को एक पीड़िता तक सीमित नहीं रखे. अब तक जितनी लड़कियां इस गिरोह का शिकार हो चुकी हैं उन सबको न्याय दिलाए.
संभव है इस लक्ष्य के अनुरूप होने वाली पुलिसिया जांच में किसी राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रकारी समूह के चेहरे पर से पर्दा उठे और इस क्रम में सफ़ेदपोशों का दबाव पुलिस जांच पर पड़े. इसके मद्दे नज़र सरकार गहन जांच के लिए या तो एसआईटी गठित करे या जांच को सीबीआई के हवाले कर दे l

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