सावन के हरे रंग में रंगा रांची प्रेस क्लब, हंसी-खुशी और उमंग से सजी शाम, गौरी रानी बनीं सावन क्वीन, कृष्णा पांडे प्रथम रनर अप और नेहा शर्मा द्वितीय रनर अप रहीं

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: रविवार को रांची प्रेस क्लब का नजारा कुछ अलग ही था। रोज खबरों की भागदौड़, कैमरों की चमक और पत्रकारिता की गंभीर चर्चाओं से गुलजार रहने वाला प्रेस क्लब परिसर सावन के रंग में रंगा नजर आया। कहीं हरे परिधानों में सजी महिलाएं खिलखिलाती दिखीं तो कहीं हाथों में सजी मेहंदी की खूबसूरत डिजाइन अपनी कहानी कह रही थी। चारों ओर सावन की उमंग थी और महिलाओं के उत्साह ने पूरे माहौल को त्योहार में बदल दिया था। मौका था प्रेस क्लब की वूमेन वेलफेयर कमेटी और प्रेस क्लब की ओर से आयोजित सावन महोत्सव का। जैसे ही कार्यक्रम आगे बढ़ा, हरे रंग की छटा देखते ही बन रही थी। किसी ने हरे रंग की साड़ी पहन रखी थी, तो कोई हरे सलवार-सूट और आकर्षक परिधानों में पहुंची थी। पारंपरिक आभूषणों और चूड़ियों से सजी महिलाएं एक-दूसरे से मिलकर सावन की बधाई दे रही थीं। चेहरे पर मुस्कान और आंखों में उत्साह था। ऐसा लग रहा था जैसे सावन की हरियाली प्रेस क्लब परिसर में उतर आई हो। कार्यक्रम में रांची की मेयर रौशनी खलखो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने महिलाओं के साथ सावन महोत्सव की खुशियां साझा कीं। उनके पहुंचते ही आयोजन का उत्साह और बढ़ गया। उन्होंने प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया और इस तरह के आयोजन को महिलाओं के लिए मनोरंजन के साथ-साथ अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच बताया।

इसके बाद शुरू हुई सबकी पसंदीदा ‘सावन क्वीन’ प्रतियोगिता। मंच पर एक-एक कर प्रतिभागियों ने कदम रखा। पारंपरिक परिधानों में सजी प्रतिभागियों का आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था। रैंप पर कदम बढ़ाते हुए किसी के चेहरे पर मुस्कान थी, तो कोई पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुति दे रही थी। दर्शकों की तालियों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। निर्णायकों ने प्रस्तुति, व्यक्तित्व, पहनावे और आत्मविश्वास के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। अंततः गौरी रानी के सिर सावन क्वीन का ताज सजा। कृष्णा पांडे प्रथम रनर अप और नेहा शर्मा द्वितीय रनर अप चुनी गईं।
परिणाम घोषित होते ही तालियों की गड़गड़ाहट से परिसर गूंज उठा। इसके बाद कृष्णा पांडे ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। सावन की मस्ती और गीतों की लय पर उनके कदम थिरके तो माहौल और भी खुशनुमा हो गया। दर्शक तालियां बजाते रहे और कई लोग मोबाइल कैमरे में इस खूबसूरत पल को कैद करते नजर आए। महोत्सव में मेहंदी प्रतियोगिता का भी अलग आकर्षण था। महिलाएं एक-दूसरे के हाथों पर बारीक और खूबसूरत डिजाइन उकेरने में जुटी थीं। कहीं फूल-पत्तियां बन रही थीं तो कहीं पारंपरिक आकृतियां। प्रतियोगिता में रितिका शाहदेव प्रथम, अरण्या द्वितीय और पल्लवी तृतीय रहीं।
इसके बाद बेस्ट हेयर स्टाइल, बेस्ट आउटफिट, बेस्ट लुक, बेस्ट चूड़ी और बेस्ट बिंदी जैसी प्रतियोगिताओं ने महिलाओं की रचनात्मकता को सामने लाया। हर श्रेणी में प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। हाउजी और ओपन गेम्स ने भी खूब रंग जमाया। जीतने पर तालियां और हारने पर हंसी-मजाक ,पूरे परिसर में उत्सव की फुहार बरसती रही।

बच्चे भी कहां पीछे रहने वाले थे। उनके लिए आयोजित डांस प्रतियोगिता में नन्हे कलाकारों ने मंच संभाला। किसी ने फिल्मी गीत पर कदम थिरकाए तो किसी ने अपनी मासूम अदाओं से सबका दिल जीत लिया। परिसर में लगे झूलों पर बच्चों के साथ महिलाओं ने भी खूब आनंद लिया।
अंत में सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं और प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। लेकिन पुरस्कारों से कहीं अधिक चेहरे की मुस्कान और साथ बिताए खुशनुमा पल इस सावन महोत्सव की असली उपलब्धि रहे। प्रेस क्लब में आयोजित यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सावन की परंपरा, महिलाओं की प्रतिभा और आपसी अपनत्व का ऐसा उत्सव बन गया, जिसकी याद लंबे समय तक सभी के साथ रहेगी।
कार्यक्रम की निर्णायक शर्मिष्ठा मजुमदार, रेखा पाठक, करबी दत्ता और ऊषा पाठक रहीं। आयोजन की संयोजक प्रेस क्लब की मैनेजिंग कमेटी सदस्य प्रतिमा कुमारी थीं। पूजा मिश्रा और आरती कुमारी ने एंकरिंग की जिम्मेदारी संभालते हुए कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा।

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