
रांची से अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने मंत्रियों के शपथ दिलाने के बाद तत्काल प्रभाव से बोर्ड-निगमों का बंटवारा जिस तरह से कर दिया है। उससे यही लगता है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल्द ही बोर्ड-निगमों का बंटवारा करके अपना दायित्व पूरा करते हुए सरकार को पूरी तरह से काम करनेवाली बना देना चाहते हैं। कांग्रेस और राजद के नेताओं से बातचीत करके मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यह चाहते हैं कि बोर्ड-निगमों का बंटवारा किया जाये। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दो दिनों के अंदर बोर्ड-निगमों से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट तलब की है। उनके निर्देश पर मुख्य सचिव ने सभी विभागों को पत्र लिखकर जवाब मांगा है और निर्देश दिया है कि रिपोर्ट में अलग से यह वर्णित हो कि सदस्यों अथवा अध्यक्ष का चयन कैसे होता है, इसके लिए पात्रता क्या है और वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल कब तक है? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने स्तर से विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को इन बोर्ड और निगमों में महत्वपूर्ण पद देगी। कांग्रेस इसके लिए 50-50 के फॉर्मूले की मांग कर रही है, लेकिन झामुमो विधायकों की संख्या के हिसाब से बंटवारा चाहता है। बोर्ड निगमों में राजद को भी स्थान मिलने की संभावना है। कल मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने सभी विभागों से बोर्ड-निगमों की अद्यतन रिपोर्ट तलब की है।सभी विभाग अपने स्तर से बोर्ड, निगम, निबंधित संस्था और स्वतंत्र निकायों की जानकारी से संबंधित फाइल तैयार कर शुक्रवार को सौंपेंगे। सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि सभी प्रकार के सरकारी और गैर सरकारी व्यक्तियों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट दी जाए। इस आधार पर कुछ अधिकारियों के तबादले होंगे, तो शेष जगहों पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाएगा। झामुमो अपने कुछ पूर्व विधायकों और वर्तमान में ऐसे विधायकों को इन बोर्ड-निगमों में जगह देना चाहता है, जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी जा सकी है। वहीं, कांग्रेस वर्तमान में अपने कार्यकारी अध्यक्षों में से दो को निश्चित तौर पर बोर्ड-निगम की जिम्मेदारी दिलवाएगी। राजद की ओर बोर्ड-निगमों में स्थान देने को लेकर राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से भी बातचीत की जायेगी। राजद की ओर से कई नेता यह प्रयास कर रहे हैं कि बोर्ड-निगमों को जब बनाया जाये तो उनको भी समुचित स्थान मिल सकें।
