
मुखर संवाद के लिए शिल्पी यादव की रिपोर्ट
रांची:झारखंड के नवनियुक्त सूचना आयुक्त एवं वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा का रविवार को रांची प्रेस क्लब में भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर **”सूचना का अधिकार : पारदर्शिता, जवाबदेही और पत्रकारिता”** विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून की प्रासंगिकता, लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता तथा पत्रकारिता की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकारों, पूर्व सूचना आयुक्तों और मीडिया से जुड़े लोगों ने भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं पद्मश्री सम्मानित बलबीर दत्त ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार लोकतंत्र को मजबूत बनाने वाला एक प्रभावी कानून है, जिसने शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को सूचना तक सहज पहुंच मिलना आवश्यक है। स्वीडन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वहां लगभग 250 वर्षों से सूचना तक पहुंच की परंपरा रही है, जिसके कारण वह दुनिया के सबसे पारदर्शी और न्यूनतम भ्रष्टाचार वाले देशों में शुमार है।
बलबीर दत्त ने कहा कि अनुज कुमार सिन्हा ने लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके अनुभव, निष्पक्षता और जनसरोकारों की समझ को देखते हुए विश्वास है कि वे सूचना आयुक्त के रूप में भी अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे और सूचना के अधिकार कानून की भावना को और अधिक मजबूत करेंगे।
कार्यक्रम में पूर्व सूचना आयुक्त बैजनाथ मिश्र ने सूचना का अधिकार अधिनियम की विभिन्न धाराओं और उसकी व्यावहारिक उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आरटीआई केवल पत्रकारों के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक सशक्त माध्यम है, जिसके जरिए वे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने इस कानून के प्रति व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जब तक आम लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक इस कानून का पूरा लाभ समाज को नहीं मिल पाएगा।
अपने सम्मान समारोह के दौरान सूचना आयुक्त अनुज कुमार सिन्हा ने कहा कि उन्हें मिली नई जिम्मेदारी केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पूरी पत्रकार बिरादरी के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ने उन्हें समाज, शासन और जनहित से जुड़े मुद्दों को निकट से समझने का अवसर दिया है। अब सूचना आयुक्त के रूप में उनका प्रयास रहेगा कि सूचना के अधिकार कानून की मूल भावना के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सूचना आयोग नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और सुशासन को मजबूत बनाने में प्रभावी भूमिका निभाता रहेगा। संवाद कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि सूचना का अधिकार लोकतंत्र की आत्मा है। यह कानून न केवल सरकारी संस्थाओं को जवाबदेह बनाता है, बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच विश्वास को भी मजबूत करता है। पत्रकारों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण जनहित के मामलों को सामने लाने में आरटीआई ने अहम भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार रजत गुप्ता, किसलय, दीपक अंबष्ठ, प्रकाश सहाय, प्रमोद झा और अजय कुकरेती सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। रांची प्रेस क्लब की ओर से अध्यक्ष शंभु नाथ चौधरी, सचिव अभिषेक सिन्हा, सह सचिव चंदन भट्टाचार्य, कोषाध्यक्ष कुबेर सिंह, कार्यकारिणी सदस्य संतोष कुमार सिन्हा, राजन बॉबी, प्रतिमा कुमारी, चंदन वर्मा और सौरभ शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके अलावा प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सोरेन, पूर्व सचिव अमरकांत एवं अखिलेश सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष पिंटू दुबे और धर्मेंद्र गिरि, पूर्व कोषाध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, भारत भूषण प्रसाद, दीपक ओझा, वेदप्रकाश, देवेंद्र सिंह, मृदुला संतोष, सुनील गुप्ता, संतोष गुप्ता, हिमांशु शेखर, जगदीश सिंह, राकेश सिंह, अशोक द्विवेदी, मनोज शर्मा, मनीष झा, अंकुर सिन्हा सहित अनेक वरिष्ठ एवं युवा पत्रकार समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और सूचना के अधिकार को लोकतंत्र की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प दोहराया गया।
