
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
पटना: बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के संभावित प्रत्याशी माने जा रहे अभिषेक सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा कर दी है कि वह बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे पारिवारिक कारणों को प्रमुख वजह बताया है और कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में परिवार को समय देना उनकी पहली जिम्मेदारी है। अभिषेक सिन्हा ने अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ समय से परिवार में ऐसी परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिनके कारण उनका पूरा ध्यान अपने पारिवारिक दायित्वों पर केंद्रित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव जैसा महत्वपूर्ण दायित्व पूरी निष्ठा, समय और ऊर्जा की मांग करता है। ऐसे में यदि वह चुनाव मैदान में उतरते हैं तो न तो परिवार के साथ न्याय कर पाएंगे और न ही जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरे उतर सकेंगे। इसी कारण उन्होंने उपचुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। इसका भाजपा या पार्टी नेतृत्व से किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताया, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे। भविष्य में परिस्थितियां अनुकूल होने पर वह संगठन के लिए पहले की तरह कार्य करते रहेंगे।
अभिषेक सिन्हा के इस फैसले के बाद बांकीपुर सीट पर भाजपा के उम्मीदवार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब पार्टी नेतृत्व को नए प्रत्याशी के चयन के लिए मंथन करना पड़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा की सीट मानी जाती है और ऐसे में उम्मीदवार के चयन में पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगी। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि भाजपा अब ऐसे चेहरे की तलाश करेगी जो संगठनात्मक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी व्यापक स्वीकार्यता रखता हो। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व द्वारा जल्द ही संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। उधर, अभिषेक सिन्हा के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के बाद समर्थकों में निराशा भी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर कई कार्यकर्ताओं ने उनके फैसले का सम्मान करते हुए उम्मीद जताई कि वह भविष्य में सक्रिय राजनीति में पहले से अधिक मजबूती के साथ वापसी करेंगे। वहीं कुछ कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व से जल्द उम्मीदवार घोषित करने की मांग भी उठाई है, ताकि चुनावी तैयारियों को गति मिल सके। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। ऐसे समय में अभिषेक सिन्हा का चुनाव लड़ने से इनकार भाजपा के लिए निश्चित रूप से नई चुनौती लेकर आया है। अब सबकी नजर भाजपा के अगले कदम और बांकीपुर सीट से घोषित होने वाले नए उम्मीदवार पर टिकी हुई है।
