दशकों का अंधेरा हुआ दूर, विधायक मनोज कुमार यादव की पहल से आदिवासी बहुल अम्बाडीह में पहली बार पहुंची बिजली

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-

चौपारण: बरही विधानसभा क्षेत्र के करमा पंचायत अंतर्गत असनाचुवां ग्राम स्थित आदिवासी बहुल अम्बाडीह टोला में पहली बार बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में एक नई उम्मीद जगी है। वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित इस बस्ती में विद्युतीकरण कार्य का उद्घाटन विधायक मनोज कुमार यादव ने किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पारंपरिक आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विधायक का भव्य स्वागत किया। गांव में बिजली पहुंचने की खुशी लोगों के चेहरों पर साफ दिखाई दी। अम्बाडीह जैसे दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से कटे हुए थे। यहां के लोग वर्षों से अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर थे। शाम ढलते ही पूरा गांव अंधकार में डूब जाता था। बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां बिजली के अभाव में प्रभावित होती थीं। ऐसे में इस बस्ती तक बिजली पहुंचना केवल एक सरकारी योजना का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक मनोज कुमार यादव ने कहा कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अम्बाडीह में बिजली पहुंचाना उनका संकल्प था, जिसे आज पूरा किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की अन्य समस्याओं का भी चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा, ताकि किसी भी गांव को विकास से वंचित न रहना पड़े। विधायक ने कहा कि बिजली केवल रोशनी का माध्यम नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक विकास की आधारशिला भी है। बिजली उपलब्ध होने से अब गांव के बच्चों को रात में पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी, छोटे घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और डिजिटल सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच भी आसान होगी। इससे ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

ग्रामीणों ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों तक बिजली आने का इंतजार किया। कई बार मांग उठाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अब पहली बार गांव में बिजली पहुंचने से लोगों को विश्वास हुआ है कि दूरस्थ आदिवासी इलाकों की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। महिलाओं ने कहा कि अब रात के समय घर और आसपास का वातावरण सुरक्षित महसूस होगा, जबकि विद्यार्थियों ने इसे अपने भविष्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। किसी भी ग्रामीण क्षेत्र के समग्र विकास में विद्युतीकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। बिजली उपलब्ध होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, संचार और स्वरोजगार जैसी गतिविधियों को नई गति मिलती है। विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में बिजली पहुंचने से सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भी संभव हो सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रतिनिधि राजदेव यादव, बलिराम मुंडा, महेंद्र मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तार होगा। अम्बाडीह में पहली बार बिजली पहुंचना केवल एक गांव के अंधेरे को दूर करने की घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि यदि जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति और प्रशासनिक प्रयास साथ हों तो दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों तक भी विकास की रोशनी पहुंच सकती है। आने वाले समय में यह पहल आसपास के अन्य आदिवासी गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है और क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास का आधार तैयार कर सकती है।

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