
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: राजधानी रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम रविवार को शिक्षा, प्रतिभा और सम्मान के सबसे बड़े उत्सव का साक्षी बना। पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (पासवा) द्वारा आयोजित छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 ने झारखंड के शैक्षणिक इतिहास में एक नई मिसाल कायम की। राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक, प्राचार्य, शिक्षाविद, समाजसेवी और गणमान्य लोग इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हुए। खचाखच भरे स्टेडियम में विद्यार्थियों के उत्साह, अभिभावकों के गर्व और शिक्षकों की खुशी ने पूरे वातावरण को शिक्षा के महापर्व में बदल दिया। भारी बारिश के बावजूद विद्यार्थियों का उत्साह कम नहीं हुआ। सुबह से ही रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों से छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों का खेलगांव पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो पूरे दिन जारी रहा। बारिश की परवाह किए बिना हजारों विद्यार्थी सम्मान प्राप्त करने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। पूरे स्टेडियम में ऊर्जा, उत्साह और उपलब्धियों का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने किया, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समारोह में नेशनल टॉपर भव्या रंजन, अभि गोयल तथा जैक बोर्ड के टॉपर अखिलेश साहू को प्रमाणपत्र, मेडल और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जैसे ही इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित किया गया, पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इन विद्यार्थियों की सफलता को अन्य छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। अपने संबोधन में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि शिक्षा झारखंड के उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि राज्य के बच्चों में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें सही अवसर, उचित मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि पासवा द्वारा आयोजित यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने और उन्हें अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देने वाला सराहनीय प्रयास है। उन्होंने सम्मानित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर झारखंड और देश का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड की मिट्टी प्रतिभाओं से समृद्ध है और जरूरत केवल ऐसे मंचों की है जो विद्यार्थियों को उड़ान दें। उन्होंने पासवा की इस पहल को ष्झारखंड के शिक्षा आंदोलन की रीढ़ष् बताते हुए कहा कि छात्र जीवन केवल परीक्षा पास करने की यात्रा नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में विशेष होता है और सही दिशा, मार्गदर्शन तथा अवसर मिलने पर वह नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि हर मेडल और प्रमाणपत्र के पीछे माता-पिता का विश्वास, शिक्षकों का मार्गदर्शन और विद्यार्थियों का अथक परिश्रम छिपा होता है।
पासवा के मुख्य संरक्षक एवं पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राज्य के विकास का सबसे मजबूत आधार है। विद्यार्थियों की प्रतिभा को समय पर पहचान और सम्मान मिलने से उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सपनों, संघर्ष और उपलब्धियों का सम्मान है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आज झारखंड की धरती पर प्रतिभा सम्मान का नया इतिहास रचा गया है। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा को समाज का उत्सव नहीं बनाया जाएगा, तब तक राष्ट्र निर्माण अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा कि पासवा का हर प्रयास विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए समर्पित है और आने वाले वर्षों में भी संस्था शिक्षा के क्षेत्र में इसी तरह कार्य करती रहेगी। समारोह का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। सेक्रेड हार्ट स्कूल तुपुदाना, डीएवी नंदराज बरियातू, डीएवी कपिलदेव, डीएवी गांधीनगर, क्लॉनी पब्लिक स्कूल कोकर, कार्मेल पब्लिक स्कूल बोकारो थर्मल तथा आरसी मिशन रेजिडेंशियल स्कूल हजारीबाग सहित कई विद्यालयों के बच्चों ने नृत्य, संगीत और लोक संस्कृति पर आधारित शानदार प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों ने पूरे समारोह को उत्सव का स्वरूप प्रदान कर दिया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षाविदों और विद्यालय प्रमुखों को भी सम्मानित किया गया। डीएवी के निदेशक एम.के. सिन्हा को श्विद्यालय नेतृत्व में उत्कृष्टता सम्मानश्, जबकि सिस्टर अमृता को श्सर्वश्रेष्ठ विद्यालय प्राचार्य सम्मान 2026-27श् प्रदान किया गया। इसके अलावा डीएवी बरियातू के प्राचार्य एस.के. मिश्रा, डीएवी नंदराज के प्राचार्य रवि कुमार तिवारी, डीएवी गांधीनगर, सेंट्रल एकेडमी बरियातू, योगदा सत्संग स्कूल के प्राचार्य कृष्णा शुक्ला, डीपीएस, वाईबीएन स्कूल, डीएवी पुनदाग, जी एंड एच स्कूल, कोलकाता पब्लिक स्कूल तथा पश्चिम बंगाल पासवा की अध्यक्ष मसूदा यासमीन सहित लगभग 250 से अधिक विद्यालयों के प्राचार्यों को मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मोमेंटो एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा लाल किशोर नाथ शाहदेव को सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन सम्मान, नीरज कुमार को सर्वश्रेष्ठ पदाधिकारी सम्मान तथा फलक फातिमा को सर्वश्रेष्ठ उत्कृष्टता सम्मान से नवाजा गया।
समारोह में पूर्वी सिंहभूम, चतरा, बोकारो, धनबाद, गढ़वा, पलामू, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां सहित विभिन्न जिलों के पासवा पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पासवा की पूरी टीम पिछले कई महीनों से इस आयोजन की तैयारी में जुटी हुई थी। पंजीकरण, पुरस्कार वितरण, मंच संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, अतिथि सत्कार और मीडिया समन्वय सहित प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित और अनुकरणीय रही। कार्यक्रम का सफल संचालन लाल किशोर नाथ शाहदेव ने किया। आयोजन को सफल बनाने में अनिकेत कुमार, मेंहुल दूबे, अज़हर आलम, सुनैना प्रजापति, खुशी भारती, आरती कुमारी, श्रुति तिवारी, अनुष्का कुमारी, सोनिया बिलुंग, वीना कुमारी, आरजू सबा, हिमांशु मिश्रा, मोहम्मद राजउल्लाह, नीतिक गुप्ता, सहला निगार, अंकिता सिंह, नाज़ परवीन, अनामिका दूबे, नीलू लकड़ा, नंदनी कुमारी, प्रथम कुमार मंडल, अभिषेक कुमार, फैज़ान राजा, कामरान खान, मोहम्मद शाहिद, अर्जुन कुमार और सैफ खान सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह आयोजन केवल विद्यार्थियों को सम्मानित करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि झारखंड अब केवल प्राकृतिक संसाधनों की धरती नहीं, बल्कि ज्ञान, प्रतिभा और उत्कृष्ट शिक्षा का भी उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानने वाली सोच को मजबूत करते हुए पासवा ने यह साबित कर दिया कि यदि प्रतिभा को सही मंच और सम्मान मिले तो राज्य के विद्यार्थी राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। यही कारण है कि छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 को झारखंड के शैक्षणिक इतिहास की सबसे बड़ी और यादगार उपलब्धियों में गिना जाएगा।
