
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
पटना: नीट पेपर लीक मामले और छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के आह्वान पर शुक्रवार को पूरे बिहार में बंद का व्यापक असर देखने को मिला। राजधानी पटना सहित गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, आरा, बेगूसराय, पूर्णिया, छपरा और सासाराम समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे बिहार में हाई अलर्ट घोषित किया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि कई जिलों में एहतियातन स्कूलों को बंद रखने और इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया।
पटना में सुबह से ही प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। डाकबंगला चौराहा, गांधी मैदान, अशोक राजपथ और सचिवालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की मांग की। पुलिस ने कई इलाकों में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। गया में बंद समर्थकों ने रेलवे स्टेशन और प्रमुख बाजारों के आसपास प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। मुजफ्फरपुर में छात्र संगठनों ने जुलूस निकालकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की। भागलपुर में कई व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। दरभंगा में विश्वविद्यालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई। वहीं आरा, बेगूसराय और छपरा में भी बंद का असर बाजारों और सड़क परिवहन पर दिखाई दिया। कई स्थानों पर बसों का परिचालन प्रभावित रहा, जबकि निजी वाहनों की आवाजाही भी सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। पूर्णिया और सासाराम में प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी और लगातार फ्लैग मार्च किया।
राज्य सरकार ने बंद के मद्देनजर सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देश के अनुसार किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और त्वरित कार्रवाई दल तैनात किए गए हैं। प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, सरकारी कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने की आशंका को देखते हुए साइबर निगरानी भी तेज कर दी गई है। कुछ संवेदनशील जिलों में एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या उकसावे वाली सामग्री के प्रसार को रोका जा सके। वहीं कई जिलों में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बंद के कारण आम जनजीवन पर भी असर पड़ा। कई स्थानों पर दुकानें बंद रहीं, सार्वजनिक परिवहन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि आवश्यक सेवाओं को सामान्य बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी करता रहा। बंद का मुख्य मुद्दा नीट पेपर लीक प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार तथा छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की जवाबदेही तय करना रहा। प्रदर्शनकारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
