
मुखर संवाद के लिए शिल्पी यादव की रिपोर्ट
रांची : सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू), रांची की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की ओर से आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन सोमवार को हुआ। शिविर के दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीक, साइबर सुरक्षा, स्वच्छता और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विभिन्न विषयों पर जागरूक किया गया। सात दिनों तक चले इस शिविर में एनएसएस स्वयंसेवकों ने स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर कई सामाजिक गतिविधियों में भाग लिया।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता को विशेष प्राथमिकता दी गई। 10 और 11 सितंबर को क्यूररेबा की चिकित्सकीय टीम ने ग्रामीणों को टीबी, कुष्ठ रोग और गैर-संचारी रोगों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस दौरान ग्रामीणों के मधुमेह और रक्तचाप की जांच भी की गई। चिकित्सकों ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। शिविर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ बीमारी से बचाव और समय पर उपचार के महत्व पर भी जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान आराम आई हॉस्पिटल की टीम की ओर से नेत्र जांच शिविर लगाया गया। इसमें करीब 52 लोगों की आंखों की जांच की गई। जांच के बाद जरूरत के अनुसार लोगों को चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया। ग्रामीणों ने नेत्र जांच शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार इस तरह के स्वास्थ्य कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक प्राथमिक स्वास्थ्य जागरूकता और जांच की सुविधा पहुंचाना था।
स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। सहायक प्राध्यापिका डॉ. सग्निका प्रधान ने विद्यार्थियों के सामने रसायन विज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रयोगों का प्रदर्शन किया। प्रयोगों को सरल और रोचक तरीके से प्रस्तुत किए जाने से विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति उत्सुकता देखने को मिली। विद्यार्थियों को बताया गया कि विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका उपयोग रोजमर्रा के जीवन में भी होता है।
कार्यक्रम में डॉ. संजीव कुमार ने विद्यार्थियों को रोबोटिक्स और रोबोट की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आधुनिक तकनीक के बढ़ते उपयोग और उसके व्यावहारिक पक्षों से विद्यार्थियों को परिचित कराया। विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार और प्रयोग की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर में साइबर सुरक्षा को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्रामीणों और विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी संदेश, संदिग्ध लिंक और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताए गए। लोगों को डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने तथा किसी अनजान लिंक या संदेश पर व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई। इसके अलावा विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की पात्रता, उपलब्ध सुविधाओं और उनका लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
एनएसएस स्वयंसेवकों ने सात दिनों के दौरान स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। शिविर के माध्यम से स्वयंसेवकों को स्थानीय समुदाय के साथ सीधे संवाद करने और सामाजिक समस्याओं को समझने का अवसर मिला। इससे उनमें सामाजिक जिम्मेदारी, सामुदायिक सहभागिता और सेवा भावना का व्यावहारिक अनुभव विकसित हुआ।
शिविर के आयोजन में प्रो. श्वेता कुमारी, यूबीए कॉर्डिनेटर डॉ. मुकेश सिंह और मुखिया सुखराम कुमार का सक्रिय योगदान रहा। समापन समारोह में विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, एनएसएस स्वयंसेवक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान सात दिनों में आयोजित गतिविधियों की समीक्षा की गई और शिविर को सफल बनाने में योगदान देने वाले स्वयंसेवकों एवं आयोजकों की सराहना की गई।
सरला बिरला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन तथा राज्यसभा सांसद सह निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने शिविर के सफल आयोजन पर आयोजक मंडली को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एनएसएस के माध्यम से समाज के बीच जागरूकता और सेवा गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
