सरला बिरला विश्वविद्यालय में स्थापना दिवस की धूम, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

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’’मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-’’

रांची: सरला बिरला विश्वविद्यालय का ’’नौवां स्थापना दिवस’’ बुधवार को हर्षाेल्लास और उत्सवी माहौल में मनाया गया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, विभिन्न संकायों के टॉपर्स एवं उनके अभिभावक बड़ी संख्या में शामिल हुए। स्थापना दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और विद्यार्थियों की प्रतिभा को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये। गीत, संगीत और अन्य रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान प्रेक्षागृह में मौजूद शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी और अभिभावक उत्साह से भर उठे। स्थापना दिवस समारोह विश्वविद्यालय परिवार के लिए उपलब्धियों के साथ-साथ आपसी जुड़ाव और टीम भावना का अवसर भी बना। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों तथा विभिन्न संकायों के टॉपर्स को सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र और उपहार प्रदान कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गयी। टॉपर्स के अभिभावकों की मौजूदगी ने सम्मान समारोह को और भी विशेष बना दिया। विद्यार्थियों की सफलता में अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान को भी इस अवसर पर महत्वपूर्ण बताया गया। समारोह को संबोधित करते हुए सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक ’’प्रो. गोपाल पाठक’’ ने विश्वविद्यालय की अब तक की यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने अल्पावधि में विश्वविद्यालय को महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंचाने के लिए शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की सफलता सामूहिक प्रयासों का परिणाम होती है। विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के निरंतर प्रयासों से एसबीयू ने शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत की है।

प्रो. गोपाल पाठक ने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मानचित्र पर आगे ले जाने के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने ’’चरित्र निर्माण और अनुशासन’’ को विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति की रीढ़ बताते हुए विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में बेहतर चरित्र, जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना भी है। विश्वविद्यालय के कुलपति ’’प्रो. सी. जगनाथन’’ ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के लिए हुनर और व्यावहारिक क्षमता के महत्व पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने हुनर को विकसित कर उसे व्यवहारिक जीवन में उतारने की क्षमता भी विकसित करनी चाहिए।

कुलपति ने विश्वविद्यालय के विकास में ’’टीम स्पिरिट’’ को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की प्रगति सामूहिक प्रयास और आपसी सहयोग से संभव होती है। उन्होंने विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय परिवार से मिलकर उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
समारोह में बतौर अतिथि ’’डॉ. सरस्वती मिश्रा’’ और ’’श्री गिरिराज रत्वा’’ भी उपस्थित रहे। उन्होंने स्थापना दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दीं तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, सरला बिरला विश्वविद्यालय के ’’प्रतिकुलाधिपति श्री बिजय कुमार दलान’’ तथा राज्यसभा सांसद सह निदेशक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट ’’डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा’’ ने भी स्थापना दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार को शुभकामना संदेश प्रेषित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्थापना दिवस समारोह के दौरान सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रेरणादायी संबोधनों का संगम देखने को मिला। पूरे कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के साथ भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। समारोह ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और अभिभावकों को एक मंच पर जोड़ते हुए एसबीयू की सामूहिक उपलब्धियों और टीम भावना को प्रदर्शित किया।

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