
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: युवाओं में उद्यमिता की सोच विकसित करने, उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने और स्टार्टअप की संभावनाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू) में उद्यमिता जागरूकता अभियान 2026 का आयोजन किया गया। आईआईटी खड़गपुर के उद्यमिता प्रकोष्ठ और सरला बिरला विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उद्यमिता, नवाचार, व्यवसाय प्रबंधन और स्टार्टअप की दुनिया से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किये। वक्ताओं ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल नौकरी की तलाश करने के बजाय युवाओं को रोजगार सृजन करने वाला बनने की दिशा में भी सोचना चाहिए। इसके लिए रचनात्मक विचार, समस्याओं की सही पहचान, प्रभावी रणनीति और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन जरूरी है।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में स्टार्टअप और उद्यम स्थापित करने वाले विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में शामिल हुए। इनमें प्योरश डेली फूड्स के सह-संस्थापक एवं निदेशक मनीष पीयूष, मुंबई स्थित ओजू के संस्थापक एवं सीईओ परमवीर सिंह, प्योरश डेली फूड्स के सह-संस्थापक आदित्य कुमार, कलाम एकेडमी के संस्थापक विकास मिश्रा और टेकटॉर्च सॉल्यूशंस के संस्थापक सिद्धार्थ पाठक प्रमुख थे। सभी वक्ताओं ने अपने व्यावसायिक अनुभवों और उद्यमिता के सफर के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता के लिए विचार के साथ उसके व्यावहारिक क्रियान्वयन की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है।
’’साधारण विचार भी बन सकता है सफल स्टार्टअप’’
परमवीर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफल स्टार्टअप खड़ा करने के लिए हमेशा किसी बड़े आविष्कार या असाधारण तकनीक की आवश्यकता नहीं होती। कई बार रोजमर्रा की जिंदगी में सामने आने वाली छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान भी एक सफल व्यवसाय का आधार बन सकता है। जरूरत इस बात की है कि युवा अपने आसपास की समस्याओं को समझें, उनके समाधान के लिए उपयोगी विचार विकसित करें और उसे व्यावसायिक रूप देने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि किसी भी विचार की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह लोगों की जरूरतों को कितना पूरा करता है। वहीं, मनीष पीयूष ने स्टार्टअप की सफलता में पूंजी प्रबंधन और सही व्यावसायिक रणनीति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि व्यवसाय शुरू करना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी उपलब्ध पूंजी का योजनाबद्ध तरीके से इस्तेमाल करना भी है। बिना उचित वित्तीय प्रबंधन और बाजार की समझ के अच्छे विचार को भी सफल व्यवसाय में बदलना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे किसी भी उद्यम की शुरुआत से पहले बाजार की मांग, संभावित ग्राहकों और उपलब्ध संसाधनों का आकलन जरूर करें।
’’फंडिंग से लेकर बाजार तक की चुनौतियों पर चर्चा’’
कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप फंडिंग के अवसरों, एंजेल निवेशकों की भूमिका, सरकारी योजनाओं और स्टार्टअप कुंभ जैसे मंचों पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गयी। इसमें विद्यार्थियों को बताया गया कि शुरुआती स्तर पर किसी उद्यम को आर्थिक सहयोग कैसे मिल सकता है और निवेशकों तक पहुंच बनाने के लिए किस तरह की तैयारी जरूरी होती है। विशेषज्ञों ने बाजार में मौजूद संभावनाओं और व्यावसायिक अंतरालों की पहचान, प्रभावी बिजनेस मॉडल तैयार करने, नवाचार तथा समस्या-समाधान की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र रहा। इसमें विद्यार्थियों ने स्टार्टअप शुरू करने, शुरुआती पूंजी जुटाने, व्यावसायिक जोखिमों से निपटने और अपने विचारों को बाजार तक पहुंचाने से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उनके सवालों का जवाब देते हुए व्यावहारिक सुझाव दिये। इसके अलावा आयोजित आइडिया-पिचिंग सत्र में विद्यार्थियों ने अपने व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किये। विशेषज्ञों ने इन विचारों का मूल्यांकन करते हुए उनकी उपयोगिता, संभावित बाजार और क्रियान्वयन की संभावनाओं पर फीडबैक दिया। इससे विद्यार्थियों को अपने विचारों की कमियों और संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
’’विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जताया हर्ष’’
यह अभियान विद्यार्थियों को उद्यमिता की वास्तविक चुनौतियों और अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। विशेषज्ञों के अनुभव, पैनल चर्चा और आइडिया-पिचिंग जैसे सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि एक छोटे विचार को भी सही योजना, नवाचार, पूंजी प्रबंधन और निरंतर प्रयासों के बल पर सफल उद्यम में बदला जा सकता है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. सी. जगन्नाथन, एसबीयू आईआईसी के अध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन आईआईटी खड़गपुर के उद्यमिता प्रकोष्ठ के एसोसिएट मेंबर्स सुहानी गुप्ता और वंश लोहिया ने किया। इस आयोजन पर सरला बिरला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान तथा राज्यसभा सांसद सह निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए इस पहल की सराहना की।
