
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू) के विद्यार्थियों ने नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। विद्यार्थियों ने विद्यार्थी नवाचार प्रदर्शनी आईसीसीआई-2026 में अपने अभिनव प्रोजेक्ट ’’‘ई-फॉग कलेक्टर’’’ के लिए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया है। वहीं, बीटेक कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के विद्यार्थियों की टीम ’’‘कैफीन कोड’’’ ने आईबीएम राष्ट्रीय हैकाथॉन-2026 के पूर्वी क्षेत्र में विजेता का खिताब हासिल किया। आईसीसीआई-2026 में एसबीयू की दो टीमों ने भाग लिया। विद्यार्थी नवाचार प्रदर्शनी का आयोजन बीआईटी मेसरा के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से किया गया था। इसमें एसबीयू की टीम ने ’’‘ई-फॉग कलेक्टर’’’ परियोजना प्रस्तुत की, जिसे निर्णायकों ने तकनीकी नवाचार और उपयोगिता के आधार पर द्वितीय पुरस्कार के लिए चुना।
‘ई-फॉग कलेक्टर’ परियोजना ’’आयनिक पवन तकनीक’’ के माध्यम से कोहरे से जल संग्रहण की अवधारणा पर आधारित है। विद्यार्थियों के अनुसार यह तकनीक जल संरक्षण के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकती है। परियोजना के जरिए विद्यार्थियों ने पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए विज्ञान एवं तकनीक के रचनात्मक इस्तेमाल का उदाहरण प्रस्तुत किया है। विजेता टीम में बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी के ’’निखिल शर्मा’’, तथा कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के ’’आयुष राज और आयुष कुमार सुमन’’ शामिल थे। टीम का मार्गदर्शन कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के सह-प्राध्यापक ’’डॉ. अविनाश कुमार’’ ने किया।
एसबीयू के विद्यार्थियों को दूसरी बड़ी सफलता ’’आईबीएम राष्ट्रीय हैकाथॉन-2026’’ में मिली। 11 से 13 सितंबर तक श्री रामकृष्ण कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, कोयंबटूर में आयोजित प्रतियोगिता के पूर्वी क्षेत्र में एसबीयू की बीटेक कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के चार विद्यार्थियों की टीम ’’‘कैफीन कोड’’’ विजेता बनी। टीम में ’’रिया कुमारी, रिसु कुमारी, शानवी अग्रवाल और अमन कुमार’’ शामिल थे। टीम ने ’’‘बेहतर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता’’’ विषय पर चुनौती का समाधान प्रस्तुत करते हुए ’’‘ग्रामस्वास्थ्य एआईकृग्रामीण स्वास्थ्य सेवा बुद्धिमत्ता मंच’’’ विकसित किया। यह मंच एआई तकनीक के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में तैयार किया गया है। टीम का मार्गदर्शन कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के सह-प्राध्यापक ’’डॉ. मनोज पांडेय’’ ने किया। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में विभागाध्यक्ष ’’डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव’’, डीन इंजीनियरिंग संकाय ’’डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी’’, संकाय सदस्य ’’आनंद कुमार विश्वकर्मा’’ तथा प्रशिक्षण एवं नियोजन प्रकोष्ठ के ’’ऋषभ कुमार’’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
लगातार मिली इन उपलब्धियों से एसबीयू में तकनीकी एवं नवाचार आधारित शिक्षा को मिल रहे प्रोत्साहन की तस्वीर सामने आती है। विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला आधारित ज्ञान को वास्तविक सामाजिक और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान से जोड़ने का प्रयास किया है। एक ओर जल संरक्षण के लिए तकनीकी समाधान विकसित किया गया, तो दूसरी ओर एआई के माध्यम से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की पहल की गई।
इन उपलब्धियों पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति ’’बिजय कुमार दलान’’, महानिदेशक ’’प्रो. गोपाल पाठक’’, कुलपति ’’प्रो. सी. जगनाथन’’ तथा राज्यसभा सांसद सह निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट ’’डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा’’ ने विजेता विद्यार्थियों, उनके मार्गदर्शकों और शिक्षकों को बधाई दी। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी उपलब्धियां अन्य छात्रों को भी नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
