



मुखर संवाद के लिये अशोक कुमार की रिपोर्टः-
रांची: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की दूसरी पुण्यतिथि के मौके पर झारखंड विधानसभा सचिवालय की ओर माल्यार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था लेकिन कोरोना संक्रमण के दौर में सादे कार्यक्रम के दौरान उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से अटल बिहारी बाजपेयी की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर माल्यार्पण नहीं करने को लेकर आपत्ति जताते हुए झारखंड के निर्माता कहकर अपमान का आरोप लगाया था। इसे लेकर बीजेपी के नेताओं ने यह आरोप लगाया था कि हेमंत सरकार के इशारे पर विधानसभा में आदमकद प्रतिमा होते हुए भी कोई माल्यार्पण का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था। इसके साथ 16 अगस्त को ही बीजेपी के सांसद समीर उरंाव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी दोपहर 2 बजे पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बजापेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने विधानसभा पहुंचे थे लेकिन रविवार का दिन होने के कारण सुरक्षाकर्मियों के द्वारा रोका गया था। उसके बाद इस मुद्दे को लेकर झारखंड की राजनीति ही गरमा गयी। इस मुद्दे को लेकर बीजेपी के प्रदेश भर कमें नेताओं ने विरोध जताते हुए सभी जिलों में भाजपा जिलाध्यक्षों ने प्रेस कांफ्रंेस कर अपनी आपत्ति जतायी थी। विधानसभा सचिवालय की ओर से इसे लेकर कहा गया है कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया है कि इन खबरों का झारखंड विधानसभा सचिवालय दृढ़ता से खंडन करती है। कोरोना महामारी को देखते हुए झारखंड विधानसभा सचिवालय की ओर से किसी भी समारोह को सादे रूप में मनाया जा रहा है। सभा सचिवालय में अवस्थित महापुरूषों के प्रतिमाओं का भी सम्मान करती है। पिछले 9 जून को भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर एवं 16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके प्रतिमा पर भी सभा सचिवालय द्वारा माल्यार्पण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित की गयी थी।
वहीं बीजेपी ने इस मुद्दे को प्राथमिकता में लेते हुए भाजपा ने अपने युवा मोर्चा के जरिये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कार्यक्रम भी राजधानी रांची सहित अन्य जिलों में कराया था। बीजेपी की ओर से जहां इस प्रकरण को मुद्दा बनाया गया वहीं झारखंड विधानसभा की ओर से इस मामले में स्पष्टीकरण देते हुए स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण का फोटाग्राफ जारी करके इस पूरे मुद्दे को एक बार फिर जिन्दा करते हुए इसे लेकर बीजेपी की ओर से जतायी जा रही आपत्ति को झूठलाने का काम किया है।
