प्रो. जेबी पाण्डेय की 97 वर्षीय माता श्री का निधन, रांची स्थित आवास पर ब्रह्म मुहूर्त में ली अंतिम सांस, बक्सर धाम में गंगा तट पर होगा अंतिम संस्कार

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची। प्रो. जेबी पाण्डेय की ताई जी उर्फ माता श्री का रविवार, 20 सितंबर 2026 को प्रातः करीब पांच बजे ब्रह्म मुहूर्त में रांची स्थित उनके आवास लक्ष्मी नगर, पिस्का मोड़, रातू रोड में आकस्मिक निधन हो गया। वह 97 वर्ष की थीं। पिछले करीब एक माह से वह कैंसर से पीड़ित थीं और चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से परिवार, शुभचिंतकों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गयी। परिजनों के अनुसार, माता श्री का उपचार रांची स्थित टाटा कैंसर अस्पताल तथा मणिपाल अस्पताल के सुप्रसिद्ध कैंसर चिकित्सकों डॉ. सतीश शर्मा और डॉ. कल्याण कुमार के कुशल निर्देशन में चल रहा था। चिकित्सकों ने उनकी अधिक उम्र को देखते हुए अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय घर पर ही आवश्यक दवाओं और सेवा-सुश्रूषा के साथ देखभाल करने की सलाह दी थी। परिवार के सदस्य पिछले एक माह से उनकी सेवा और देखभाल में जुटे थे। माता श्री अपने पीछे बेटे-बेटियों, पोते-पोतियों समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गयी हैं। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने प्रो. जेबी पाण्डेय और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। लोगों ने दिवंगत माता श्री के व्यक्तित्व, पारिवारिक संस्कारों और उनके लंबे जीवन को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

माता श्री के निधन पर प्रो. जेबी पाण्डेय ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि जीवन में उन्होंने अपने पितृ ऋण और गुरु ऋण से पहले ही उऋण होने का अनुभव किया था और अब माता के निधन के साथ वह मातृ ऋण से भी मुक्त हो गये हैं। उन्होंने कहा कि माता जी का निधन उनके लिए केवल दुख का विषय नहीं है, बल्कि उनके दीर्घ और संतुष्ट जीवन को देखते हुए यह एक तरह से सुखद विदाई भी है।
प्रो. पाण्डेय ने बताया कि उनकी माता श्री ने 97 वर्ष की आयु प्राप्त की और जीवन में चारों तीर्थ धाम की यात्रा भी पूरी की थी। उन्होंने कहा कि माता श्री ने अपने जीवन में धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्राओं के माध्यम से अपनी इच्छाओं को पूरा किया। उनके जीवन की यह उपलब्धि परिवार के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगी। परिजनों के अनुसार, माता श्री की अंतिम इच्छा के अनुरूप उनका अंतिम संस्कार बिहार के बक्सर स्थित विश्वामित्र मुनि के धाम में गंगा तट पर किया जायेगा। अंतिम संस्कार 20 सितंबर 2026 की रात करीब नौ से दस बजे के बीच निर्धारित किया गया है। परिवार के सदस्य अंतिम यात्रा के लिए रांची से बक्सर रवाना हुए।

माता श्री के निधन से परिवार ने एक ऐसी वरिष्ठ सदस्य को खो दिया, जिनके स्नेह, अनुभव और मार्गदर्शन ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। 97 वर्ष का उनका जीवन परिवार के लिए स्मृतियों और संस्कारों की एक लंबी विरासत छोड़ गया है। परिजनों और शुभचिंतकों का कहना है कि उनका स्नेह और आशीर्वाद हमेशा परिवार के सदस्यों के जीवन में प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। प्रो. जेबी पाण्डेय ने दिवंगत माता श्री की आत्मा की शांति के लिए परमात्मा से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करें। माता श्री के निधन पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं पारिवारिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। दिवंगत माता श्री का 97 वर्षों का जीवन परिवार के लिए एक अमूल्य विरासत है। उनकी स्मृतियां और उनके द्वारा दिये गये संस्कार आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का आधार बने रहेंगे।

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