
मुखर संवाद के लिये सुमित कुमार की रिपोर्टः-
’रांची: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची द्वारा 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को कांके प्रखंड के बाढ़ू पंचायत भवन में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की ’’वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी सेवा योजना’’ पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता तथा योग्य अधिवक्ता उपलब्ध कराकर उन्हें न्याय दिलाना ही डालसा का मुख्य उद्देश्य है। यह कार्यक्रम माननीय न्यायमूर्ति-सह-कार्यपालक अध्यक्ष, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना के मार्गदर्शन तथा रांची के न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 के संरक्षण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डालसा सचिव राकेश रौशन की उपस्थिति में लोगों को विभिन्न कानूनी अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एलएडीसी सहायक स्वीकृति विनाया ने कहा कि नालसा की वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी सेवा योजना का उद्देश्य समाज के बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार सुनिश्चित करना तथा उन्हें समय पर न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क कानूनी परामर्श, मुकदमों के लिए मुफ्त अधिवक्ता, आवश्यक कानूनी सहायता तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग किया जाता है। इसके साथ ही विधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से उन्हें उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया जाता है। स्वीकृति विनाया ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में बुजुर्ग अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में नालसा एवं डालसा की यह पहल उन्हें न्याय व्यवस्था से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने उपस्थित लोगों को बाल श्रम निषेध कानून, साइबर अपराध से बचाव तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम की भी विस्तार से जानकारी दी और इन सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान पीएलवी राजेंद्र महतो ने 18 जुलाई को आयोजित होने वाली चेक अनादरण (चेक बाउंस) मामलों से संबंधित विशेष लोक अदालत की जानकारी देते हुए लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की। वहीं शारदा देवी एवं बबीता कुमारी ने 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से मामलों का त्वरित एवं कम खर्च में समाधान संभव है, जिससे लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है। पीएलवी संगीता देवी एवं देवंती कुमारी ने बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा करते हुए इनके कानूनी पहलुओं से लोगों को अवगत कराया। वहीं फुलेश्वरी देवी एवं संध्या कुमारी विश्वास ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सेवाओं, सहायता योजनाओं तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में एलएडीसी सहायक स्वीकृति विनाया के अलावा विधि के छात्र-छात्राएं पृथ्वीराज, आयशा अहमद खान, इसिता सिंह और प्रियंका कुमारी सहित पीएलवी शारदा देवी, बबीता कुमारी, संगीता देवी, देवंती कुमारी, राजेंद्र महतो, भानु देवी, फुलेश्वरी देवी, सरिता कुमारी, संध्या कुमारी विश्वास तथा चालक राजा वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर डालसा की टीम द्वारा उपस्थित लोगों के बीच विधिक जागरूकता से संबंधित पंपलेट एवं लिफलेट का वितरण किया गया। साथ ही लोगों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करें और निःशुल्क कानूनी सहायता का लाभ उठाएं। धिकारियों ने विश्वास जताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी चेतना बढ़ेगी और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को समय पर न्याय प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
