शिक्षा जगत में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रो. गोपाल पाठक सम्मानित,सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड,राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया सम्मानित, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में योगदान को मिली राष्ट्रीय पहचान

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मुखर संवाद के लिए शिल्पी यादव की रिपोर्ट
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रांची:सरला बिरला विश्वविद्यालय के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण रहा। विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक को शिक्षा, अकादमिक उत्कृष्टता, शोध, शिक्षण तथा शिक्षा के माध्यम से समाज के विकास में उनके आजीवन समर्पित योगदान के लिए प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, झारखंड स्टेट शाखा द्वारा आयोजित 7वें झारखंड एक्सीलेंस अवार्ड–2026 समारोह में प्रदान किया गया। रांची के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित गरिमामय समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा रांची विधायक सी.पी. सिंह ने प्रो. पाठक को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में शिक्षा, प्रशासन, उद्योग, सामाजिक सेवा और विभिन्न क्षेत्रों की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति रही।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रो. गोपाल पाठक ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि सरला बिरला विश्वविद्यालय के पूरे शैक्षणिक परिवार की सामूहिक मेहनत और समर्पण का सम्मान है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है और विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है, जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

प्रो. पाठक पिछले कई दशकों से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने शिक्षण, शोध, शैक्षणिक प्रशासन और संस्थागत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके नेतृत्व में सरला बिरला विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्योगों के साथ अकादमिक सहयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने और शोध गतिविधियों को मजबूत बनाने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान नहीं देते, बल्कि राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में विश्वविद्यालयों और शिक्षाविदों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रो. गोपाल पाठक जैसे अनुभवी शिक्षकों का योगदान नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाला है।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्व समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रो. पाठक ने शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया है। उनका सम्मान पूरे झारखंड के लिए गर्व की बात है। विधायक सी.पी. सिंह ने कहा कि सरला बिरला विश्वविद्यालय ने कम समय में जिस तरह अपनी अलग पहचान बनाई है, उसके पीछे प्रो. गोपाल पाठक का दूरदर्शी नेतृत्व और समर्पित कार्यशैली है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति जयश्री मोहता, प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, शासी निकाय के सदस्य अनंत जाटिया, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन तथा राज्यसभा सांसद एवं निदेशक (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने प्रो. गोपाल पाठक को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रो. पाठक के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।
सरला बिरला विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह सम्मान संस्थान के प्रत्येक सदस्य के लिए प्रेरणादायक है और इससे विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा और मजबूत होगी। विश्वविद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि प्रो. गोपाल पाठक के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरला बिरला विश्वविद्यालय भविष्य में शिक्षा, शोध, नवाचार, कौशल विकास और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेगा। संस्थान का लक्ष्य विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराते हुए उन्हें रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के लिए सक्षम बनाना है।

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