
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
’’रांची,’’ राजधानी रांची के हरमू स्थित विद्यानगर में रविवार को यादव समाज के लिए बने पहले ’’यादव धर्मशाला’’ का उद्घाटन राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता एवं समाजसेवी ’’विनोद सिंह यादव’’ ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह में समाज के उत्थान, शिक्षा और सामाजिक सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। समारोह को संबोधित करते हुए विनोद सिंह यादव ने कहा कि यह धर्मशाला केवल एक भवन नहीं, बल्कि समाज की एकता, सहयोग और सेवा की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से रांची में यादव समाज के लिए एक ऐसे सामुदायिक भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जहां सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सके। अब यह आवश्यकता पूरी हो गई है।
उन्होंने घोषणा की कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए इस धर्मशाला का भवन ’’निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।’’ उनका कहना था कि समाज के अनेक परिवार आर्थिक कठिनाइयों के कारण बेटियों की शादी को लेकर चिंतित रहते हैं। ऐसे परिवारों को इस धर्मशाला के माध्यम से राहत मिलेगी और वे बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के विवाह समारोह संपन्न कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को हर स्तर पर सहयोग मिले।
विनोद सिंह यादव ने यह भी बताया कि धर्मशाला की तीसरी मंजिल पर गरीब एवं मेधावी छात्रों के लिए ’’हॉस्टल’’ का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा के लिए रांची आते हैं, लेकिन आर्थिक अभाव के कारण उन्हें रहने की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से धर्मशाला में छात्रावास बनाया जाएगा, ताकि वे बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। इसलिए गरीब छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। छात्रावास बनने के बाद दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। समारोह में उपस्थित समाज के वरिष्ठ लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रांची में यादव समाज के लिए इस प्रकार का यह पहला धर्मशाला है। इससे समाज के लोगों को विवाह, बैठक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक सम्मेलन तथा अन्य सामुदायिक आयोजनों के लिए एक स्थायी स्थान उपलब्ध होगा। अब तक ऐसे आयोजनों के लिए लोगों को निजी भवनों या महंगे बैंक्वेट हॉल पर निर्भर रहना पड़ता था। विनोद यादव ने कहा कि धर्मशाला समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करेगी और नई पीढ़ी को सामाजिक मूल्यों एवं सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने का माध्यम बनेगी। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी इस तरह के जनहितकारी कार्यों में आगे आने का आह्वान किया। विनोद यादव ने स्वर्गीय सागर राय की पत्नी फूलेश्वरी देवी को सम्मानित करने का भी कार्य किया है। सागर राय इस धर्मशाला को स्थापित करने वालों में पहल करने की भूमिका अदा की थी।
उद्घाटन समारोह के दौरान यादव समाज के लोगों ने विनोद सिंह यादव को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह धर्मशाला आने वाले समय में सामाजिक सेवा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। यहां शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, स्वास्थ्य शिविर, सामूहिक बैठकें और समाज हित के अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन समाज की एकजुटता और सामाजिक उत्थान के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि रांची के हरमू स्थित विद्यानगर में स्थापित यह यादव धर्मशाला न केवल यादव समाज बल्कि जरूरतमंद लोगों के लिए भी सेवा और सहयोग का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरेगी। इस अवसर पर धनिक लाल राय, गौरीशंकर यादव, दिनेश राय, रवीन्द्र कुमार यादव , राजेश कुमार यादव, शंकर यादव, विनोद यादव, शिवशंकर यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।
