लोकतंत्र बचाओ रैली की तैयारियां पूरी, रामलीला मैदान में जुटेंगे 10 लाख से अधिक कार्यकर्ता, ’’झारखंड से 15 हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का केशव महतो कमलेश ने किया ऐलान’’

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई तेज करने की तैयारी कर ली है। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली लोकतंत्र बचाओ रैली की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कांग्रेस का दावा है कि इस रैली में देशभर से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के 10 लाख से अधिक कार्यकर्ता एवं समर्थक शामिल होंगे। झारखंड से भी 15 हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने की बात कही गई है। पार्टी इस रैली के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और मताधिकार की सुरक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि लोकतंत्र बचाओ रैली महज एक राजनीतिक आयोजन नहीं है, बल्कि देश के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए शुरू किए गए जनआंदोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर विपक्ष की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
कमलेश ने स्पष्ट कहा कि जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और लोकतंत्र एवं मताधिकार से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। पार्टी किसी भी परिस्थिति में लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने के प्रयासों को स्वीकार नहीं करेगी।

’’झारखंड से 15 हजार कार्यकर्ताओं की भागीदारी का दावा’’
झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि लोकतंत्र बचाओ रैली को लेकर झारखंड के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है। राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक दिल्ली पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के कार्यकर्ता भी इस राष्ट्रीय आंदोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं। 15 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी के साथ प्रदेश कांग्रेस इस रैली को सफल बनाने में योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में जुटने वाला जनसमूह लोकतंत्र और संविधान के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता का संदेश देगा। कांग्रेस का प्रयास है कि मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर देशव्यापी चर्चा हो तथा आम नागरिकों की चिंताओं को राष्ट्रीय मंच मिले।

’’संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता का उठेगा मुद्दा’’
केशव महतो कमलेश ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से लेकर अब तक पार्टी ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों एवं संवैधानिक मूल्यों को आगे बढ़ाना कांग्रेस की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है और लोकतंत्र की मजबूती इसी बात पर निर्भर करती है कि जनता के मताधिकार का सम्मान हो। निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी शर्त है। इन मुद्दों पर उठ रहे सवालों का समाधान जरूरी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। यह देश के नागरिकों के अधिकार, उनकी राजनीतिक भागीदारी और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। इसलिए इस अभियान में सभी लोकतांत्रिक विचारधारा वाले लोगों की भागीदारी जरूरी है। कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि दिल्ली के रामलीला मैदान से उठने वाली आवाज देशभर में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के संकल्प को नई मजबूती देगी। पार्टी इस रैली के माध्यम से अपने आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन दिलाने और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। इस संबंध में जानकारी झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने दी।

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