


मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः
रांची: पत्रकारिता के सामाजिक दायित्वों को आत्मसात करते हुए इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्लूजे) की झारखंड इकाई ने 28 अक्टूबर को संगठन का स्थापना दिवस सेवा, संवेदना और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मनाया। इस अवसर पर रांची के बरियातू स्थित एक वृद्धाश्रम में सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। संगठन के पदाधिकारियों, वरिष्ठ पत्रकारों और महिला पत्रकारों ने बुजुर्गों के बीच कंबल वितरित किए, उनके लिए भोजन की व्यवस्था की और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्थापना दिवस के इस आयोजन के जरिए पत्रकारों ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व आईएफडब्लूजे की झारखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण प्रसाद उर्फ टुनटुन भैया ने किया। प्रदेश महासचिव दीपक कुमार सहित संगठन के विभिन्न पदाधिकारी और मीडिया जगत से जुड़े पत्रकार इस अवसर पर मौजूद रहे। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके प्रति सम्मान, सहयोग तथा आत्मीयता का भाव व्यक्त किया।
वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों को कंबल प्रदान किए गए और उनके भोजन की व्यवस्था की गई। इस पहल का उद्देश्य समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना था। कार्यक्रम में शामिल पत्रकारों ने बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद किया और उनके बीच अपनत्व का भाव साझा किया। आयोजन ने इस बात को रेखांकित किया कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और जीवन संघर्ष नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी देखभाल, सम्मान और जरूरतों के प्रति संवेदनशील रहना परिवार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। आईएफडब्लूजे की झारखंड इकाई ने स्थापना दिवस को सेवा गतिविधियों से जोड़कर इसी मानवीय दायित्व को सामने रखा।
पौधारोपण से दिया हरियाली बचाने का संदेश
स्थापना दिवस समारोह में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तैयार करने का संदेश दिया गया। पौधारोपण की पहल ने यह स्पष्ट किया कि सामाजिक उत्तरदायित्व केवल मानवीय सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण में योगदान देना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आईएफडब्लूजे की झारखंड इकाई का यह आयोजन पत्रकारिता की सामाजिक भूमिका को भी रेखांकित करता है। समाचारों के संकलन और प्रसारण के साथ पत्रकार समाज की समस्याओं को सामने लाने, जनजागरूकता बढ़ाने और सामाजिक हित से जुड़े कार्यों में सहभागिता निभाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
वरिष्ठ पत्रकारों और महिला पत्रकारों की भागीदारी
मीडिया जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों में प्रभात खबर के संपादक संजय मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार के. बी. मिश्रा, सुशील चौरसिया, रामजी यादव, शकील अहमद तारा और दिलीप विश्वकर्मा शामिल रहे।
महिला पत्रकारों की ओर से रेखा पाठक, कराबी दत्ता, प्रतिमा सिंह, प्रियंका तिवारी, नीलू मिश्रा, पूजा खुशी मिश्रा, गौरी रानी, शिल्पी यादव और नेहा वार्शी ने कार्यक्रम में सहभागिता की। पत्रकारों की सामूहिक भागीदारी ने स्थापना दिवस समारोह को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
28 अक्टूबर 1950 को हुई थी संगठन की स्थापना
उल्लेखनीय है कि इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्लूजे) की स्थापना 28 अक्टूबर 1950 को पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान और पेशेवर हितों के संरक्षण के उद्देश्य से हुई थी। संगठन के इतिहास में वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय के. विक्रम राव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्थापना दिवस पर झारखंड इकाई की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम संगठन के मूल उद्देश्यों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के भाव को जोड़ने की पहल रहा। बुजुर्गों की सेवा, भोजन और कंबल वितरण तथा पौधारोपण के माध्यम से पत्रकारों ने यह संदेश दिया कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और जनहित में सहभागिता पत्रकारिता के व्यापक दायित्व का अभिन्न हिस्सा है।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण प्रसाद उर्फ टुनटुन भैया, प्रदेश महासचिव दीपक कुमार, दिलीप सिंह परिहार, संजय कुमार, बीपिन बिहारी पाण्डेय, कमल शंकर पंडित, अमित कुमार, रितेश कुमार, अंकु गोस्वामी, अमित दास, सुभाष शेखर महतो, प्रदीप महतो, सबा इकबाल, अशोक गोप, सुरेश प्रसाद कमलापुरी, प्रभात रंजन, सत्यजीत कुमार, नरेंद्र और मुकेश कुमार सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
