हल्द्वानी की घटना के विरोध में कांग्रेस का जुलूस-सत्याग्रह, छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ बुलंद की आवाज

Jharkhand झारखण्ड देश बिहार राजनीति


मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से रैली स्थल का “शुद्धिकरण” किए जाने के विरोध में शुक्रवार को रांची में कांग्रेस ने जुलूस निकालकर सत्याग्रह किया। रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा के नेतृत्व में मोरहाबादी स्थित रांची कॉलेज के समीप से जुलूस निकाला गया। विभिन्न मार्गों से होते हुए जुलूस बापू वाटिका पहुंचा, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ’’“छुआछूत बंद करो, भेदभाव बंद करो”, “संविधान जिंदाबाद”, “बाबा साहेब अमर रहें”, “समानता जिंदाबाद”, “जातिवाद मुर्दाबाद”, “मनुवाद मुर्दाबाद”’’ और ’’“संविधान का सम्मानकृदेश का सम्मान”’’ जैसे नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने “नफरत छोड़ो-भारत जोड़ो” का संदेश देते हुए सामाजिक समानता और सद्भाव का संकल्प भी लिया।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि हल्द्वानी की घटना केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक समानता और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का अपमान है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उस स्थान का “शुद्धिकरण” किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जाति और छुआछूत के आधार पर इंसानों के बीच भेदभाव की मानसिकता आज भी कैसे कायम है। कमलेश ने कहा कि कांग्रेस ऐसी मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगी। संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार दिया है। इसके बावजूद यदि किसी नेता के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मंच का शुद्धिकरण किया जाता है तो यह सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता हल्द्वानी की घटना के विरोध में प्रदर्शन और सत्याग्रह कर रहे हैं। यह संघर्ष किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि जाति के नाम पर समाज को बांटने वाली मानसिकता के खिलाफ है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि देश चांद तक पहुंच चुका है और आधुनिक तकनीक तथा विकास की बात कर रहा है, लेकिन दूसरी ओर किसी व्यक्ति के स्पर्श से स्थान को अपवित्र बताकर उसका शुद्धिकरण किया जाना गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि जाति और छुआछूत की मानसिकता को समाप्त करना राजनीतिक ही नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने कहा कि हल्द्वानी की घटना संविधान, लोकतंत्र और समानता के मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी जिलों में कांग्रेस इस घटना के विरोध में प्रदर्शन और सत्याग्रह कर रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश पाल मुंजनी ने आरोप लगाया कि छुआछूत की विचारधारा आज भी जीवित है और भाजपा तथा उसकी आनुषंगिक इकाइयों पर संविधान के मूल्यों के खिलाफ खड़े होने का आरोप लगाया।

प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस संविधान और सामाजिक समानता के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के मंच पर आने के बाद उसके “शुद्धिकरण” जैसी सोच लोकतांत्रिक समाज के लिए चिंताजनक है।
झारखंड प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और सम्मान देता है। किसी व्यक्ति की जाति, धर्म या विचारधारा के आधार पर उसके स्पर्श को अपवित्र मानना संविधान की भावना के विपरीत है। एससी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष केदार पासवान ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित भारत का सपना देखा था। उसे मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नफरत और भेदभाव के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम में ग्रामीण कांग्रेस के प्रभारी रियाज अंसारी, विनय सिन्हा, रविंद्र सिंह, राज उरांव, गुलजार अहमद, शाहबीर लोहरा, तुलसी खरवार, कुशल उरांव, संजर खान, नीरज भोक्ता, मदन कुमार महतो, संजय मुंडा, कमिश्नर मुंडा, सलाम अंसारी, शहीद अंसारी, सतीश केशरी, विनोद साहू, विनोद सिंह, पूजा कच्छप, रुस्तम अंसारी और अजय साहू सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *