
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
पटना : झारखंड में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने वर्ष 2029 के चुनावों को लेकर अभी से संगठन को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने राज्य में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के लिए व्यापक कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है। इसी सिलसिले में झारखंड राजद के नेताओं ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात कर संगठन की स्थिति और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा की। तेजस्वी यादव ने झारखंड को राजद की मजबूत राजनीतिक जमीन बताते हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत करने के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए लगातार जनता के बीच रहना होगा। संगठन जितना मजबूत होगा, पार्टी उतनी ही मजबूती के साथ आगामी चुनावी मैदान में उतर सकेगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि अक्टूबर महीने में झारखंड के विभिन्न प्रमंडलों में राजद की सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन सभाओं के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने, संगठन की गतिविधियों को गति देने और नए लोगों को पार्टी से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। वहीं सितंबर महीने में ही पार्टी के वरिष्ठ नेता इन कार्यक्रमों की रूपरेखा और तिथियां तय करेंगे। बैठक में राजद के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव, उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, वरिष्ठ नेता सुभाष प्रसाद यादव और युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष रंजन कुमार,प्रदेश उपाध्यक्ष अनीता यादव समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। नेताओं ने झारखंड में पार्टी की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर तेजस्वी यादव के साथ विचार-विमर्श किया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रमंडलीय सभाओं के साथ ही जिलास्तर पर भी संगठनात्मक बैठकों और कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू किया जाएगा। प्रदेश राजद के नेता विभिन्न जिलों में बैठकें और सभाएं आयोजित कर कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों के लिए उर्जान्वित करेंगे। पार्टी का लक्ष्य पुराने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ ही युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को संगठन से जोड़ना है। राजद नेतृत्व का मानना है कि चुनाव की घोषणा के बाद संगठन को सक्रिय करने की बजाय लंबे समय पहले से कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संपर्क और संवाद जरूरी है। इसी रणनीति के तहत 2029 के चुनाव की तैयारी अभी से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। पार्टी संगठन को पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर मजबूत करने के साथ बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर देगी। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि पार्टी को जनता से जुड़े स्थानीय मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई, किसानों की समस्याएं और सामाजिक न्याय जैसे विषयों को लेकर कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाने का निर्देश दिया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठन की मजबूती केवल चुनावी सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि लगातार जनसरोकार के मुद्दों पर संघर्ष करने के लिए भी जरूरी है। झारखंड की राजनीति में राजद लंबे समय से सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के मुद्दों को लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहा है। पार्टी अब इसी आधार को व्यापक राजनीतिक संगठन में बदलने की तैयारी में है।
तेजस्वी यादव द्वारा झारखंड को राजद की मजबूत राजनीतिक जमीन बताए जाने के बाद प्रदेश नेतृत्व में भी उत्साह बढ़ा है। सितंबर में कार्यक्रमों की अंतिम रूपरेखा तैयार होने के बाद अक्टूबर से प्रमंडलीय सभाओं का दौर शुरू होने की संभावना है। इसके बाद जिलास्तरीय बैठकों और जनसंपर्क अभियानों को भी गति दी जाएगी। राजद नेतृत्व की कोशिश है कि अगले तीन वर्षों में संगठन को इस स्तर तक मजबूत किया जाए कि 2029 के चुनाव में पार्टी पूरी तैयारी और मजबूत सांगठनिक आधार के साथ मैदान में उतर सके।
