
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची : झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। इस मामले में बिहार के कथित मास्टरमाइंड अतुल वत्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह गिरोह परीक्षा में सेंध लगाने की योजना बनाकर करोड़ों रुपये की अवैध डील कर रहा था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित झारखंड उत्पाद सिपाही नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के दौरान रांची पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय सॉल्वर और ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के रहने वाले मुख्य सरगना अतुल वत्स सहित पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के झांसे में आकर फर्जी प्रश्नपत्रों के उत्तर रटने वाले 159 अभ्यर्थियों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तमाड़ के रड़गांव स्थित एक अर्द्धनिर्मित मकान में कुछ संदिग्ध लोग भारी संख्या में परीक्षार्थियों को लेकर जमा हैं।
रांची एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने शनिवार रात वहां छापेमारी की। मौके पर पुलिस ने देखा कि गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को लैपटॉप और डिजिटल माध्यम से प्रश्नपत्रों के उत्तर रटवा रहे थे। पुलिस ने वहां से चार सेट फर्जी डिजिटल प्रश्नपत्र, हार्ड कॉपी, लैपटॉप, प्रिंटर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और बाहर खड़ी गाड़ियां जब्त की हैं। पुलिस को बड़ी कार्रवाई मिली है। पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा पास कराने के नाम पर 15-15 लाख रुपये की डील की थी। गिरोह ने दावा किया था कि उनके पास मूल प्रश्नपत्र लीक होकर आ गया है। हालांकि, जब जेएसएससी के सचिव और परीक्षा नियंत्रक ने इन प्रश्नपत्रों का मिलान रविवार को संपन्न हुई परीक्षा के मूल प्रश्नपत्रों से किया, तो पेपर लीक का दावा पूरी तरह गलत निकला। पेपर-3रू 120 प्रश्नों में से केवल 4 प्रश्न आंशिक रूप से मेल खाए।
पेपर-2 (हिन्दी)रू एक भी प्रश्न मैच नहीं हुआ। खोरठा (जमशेदपुर केंद्र) केवल एक प्रश्न पूरी तरह और एक आंशिक रूप से मिला। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया कि इतने प्रश्न किसी भी सामान्य प्रैक्टिस सेट से मिल सकते हैं, यह पेपर लीक का मामला नहीं बल्कि ठगी का मामला है। जेएसएससी अध्यक्ष ने कहा कि पकड़े गए सभी 159 अभ्यर्थियों के विरुद्ध झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इन सभी को जेएसएससी की आगामी सभी परीक्षाओं से हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। नए कानून के तहत गंभीर कदाचार में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
