मुखर samvad के लिए शिल्पी यादव की रिपोर्ट
राँची : 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरे देश से समाप्त करने का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का फैसला अब नक्सलवाद के लिए आखरी सांस गिनता हुआ नजर आ रहा है l
झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में अब तक की बड़ी सफलता हाथ लगी है। झारखंड राज्य गठन के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब 25 से अधिक नक्सलियों ने एक साथ हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। गुरुवार को धुर्वा स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में 25 भाकपा (माओवादी) और 2 JJMP उग्रवादियों समेत कुल 27 नक्सलियों ने आधिकारिक रूप से आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वालों में कई बड़े और इनामी नक्सली शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें आठ नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सभी के खिलाफ मिलाकर 426 से अधिक नक्सली मामलों में प्राथमिकी दर्ज है।
झारखंड पुलिस, CRPF कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और खुफिया एजेंसियां पिछले कई महीनों से सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में लगातार अभियान चला रही थीं। जंगलों में लगातार दबाव और सुरक्षा बलों की सख्ती के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ता दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार, पिछले एक महीने से दो दर्जन से अधिक नक्सली जंगल छोड़ने की कोशिश में थे। सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने और आत्मसमर्पण के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
सरेंडर के दौरान नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार और गोलियां भी पुलिस को सौंपीं। इनमें शामिल हैं—
1 लाइट मशीन गन (LMG)
5 इंसास राइफल
9 एसएलआर राइफल
1 बोल्ट एक्शन राइफल
1 पिस्टल
31 मैगजीन
करीब 3000 जिंदा कारतूस
पुलिस के अनुसार, कुल 17 हथियार और लगभग 2987 गोलियां बरामद की गई हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों में गादी मुंडा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा, रेखा मुंडा उर्फ जयंती, सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल, करण तियू, दर्शन उर्फ बिंज हांसदा, सुलेमान हांसदा और बासुमती जेराई जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इनमें कई नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था। सागेन आंगारिया पर अकेले 123 मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।
महिला नक्सलियों की भी बड़ी संख्या
सरेंडर करने वालों में महिला कैडरों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, बसंती देवगम, सपना कालुंडिया और अनिशा कोड़ा उर्फ रानी समेत कई महिला उग्रवादियों ने भी हथियार छोड़ दिए।
भाकपा (माओवादी) के अलावा JJMP संगठन के दो उग्रवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया। इनमें सचिन बैक और श्रवण गोप शामिल हैं। सचिन बैक पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के क्षेत्रों में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। इनमें जनवरी 2022 में पूर्व विधायक गुरूचरण नायक पर हमला भी शामिल है, जिसमें दो बॉडीगार्ड की हत्या कर सरकारी राइफल लूट ली गई थी। इसके अलावा तुंबाहाका मुठभेड़, लोवाबेड़ा IED ब्लास्ट, राजाबासा मुठभेड़, पंचलाता बुरू मुठभेड़ और कोलबंगा-दलाईगढ़ा हमले जैसी घटनाओं में भी इनकी संलिप्तता रही है।
