
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांचीः राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा मोरहाबादी क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। शाम होते ही दीपों की रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार और गंगा आरती की दिव्यता ने लोगों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने हिस्सा लेकर मां गंगा की आराधना की। समाजसेवी रूपम झा की ओर से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। आयोजन स्थल को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। गंगा आरती के दौरान बनारस की तर्ज पर विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आरती के समय “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक आस्था से ओत-प्रोत भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माँ गंगा की आराधना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। दीपों की मनमोहक आभा, वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

भारतीय संस्कृति में माँ गंगा का विशेष महत्व है। गंगा को मोक्षदायिनी एवं जीवनदायिनी माना जाता है। गंगा आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान और आरती का विशेष पुण्य फल माना जाता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केन्द्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि गंगा दशहरा भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने समाजसेवी रूपम झा और उनकी पूरी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। संजय सेठ ने कहा कि रांची में इस प्रकार की भव्य गंगा आरती का आयोजन लोगों के बीच आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करेगा। समाजसेवी रूपम झा ने कहा कि गंगा दशहरा के अवसर पर लोगों को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा, पेयजल, बैठने और प्रसाद वितरण की बेहतर व्यवस्था के कारण लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।

कार्यक्रम में कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी शामिल हुए। गंगा आरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी लोगों का मन मोह लिया। बच्चों और युवाओं ने भक्ति गीतों और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया। गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित इस भव्य गंगा आरती ने राजधानीवासियों को एक नई आध्यात्मिक अनुभूति दी। देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ आयोजन स्थल पर बनी रही और लोग मां गंगा की आरती में शामिल होकर खुद को धन्य महसूस करते नजर आए। कार्यक्रम में चौरिटेबल चर्म्स के सदस्य, लायंस क्लब के सदस्य, अन्य गणमान्य अतिथि एवं परिवारजन भी उपस्थित रहे। सभी ने माँ गंगा की आरती में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया। गंगा आरती का कार्यक्रम बेहद ही सुव्यवस्थित रूप में संपन्न हुआ। समाजसेवी प्रशांत पोद्दार, डॉ. सौरभ और डॉ. विशाल ने भी कार्यक्रम सफल करने में अपनी भूमिका निभाई ।

