’’रांची गैंगरेप कांड : काठीटांड से आठ और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 14 आरोपियों की गिरफ्तारी’’

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: राजधानी रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र में दो नाबालिग लड़कियों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार को रातू थाना क्षेत्र के काठीटांड से आठ और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन बालिग आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि पांच नाबालिग आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर प्रोबेशन होम भेजा गया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए तीन बालिग आरोपियों की पहचान गणेश बैठा, कुणाल उरांव और ऋतिक उरांव के रूप में हुई है। वहीं, पांच अन्य आरोपी नाबालिग हैं, जिनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि नौ जुलाई को दो नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उन्हें तुपुदाना ओपी क्षेत्र स्थित भगवान होटल के पीछे एक कमरे में ले जाया गया था। आरोप है कि वहां आरोपियों ने दोनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी लड़कियों को वहीं छोड़कर फरार हो गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अगले दिन यानी 10 जुलाई को आरोपियों के दूसरे समूह ने भी उन्हीं दोनों नाबालिग लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसी दौरान एक पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने में सफल रही और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही तुपुदाना ओपी में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर शशिकांत तत्काल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए दोनों नाबालिग पीड़िताओं को सुरक्षित बाहर निकाला और घटनास्थल से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया। बाद में पीड़िताओं के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहली घटना में शामिल अन्य तीन आरोपियों को भी तुपुदाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस की लगातार छापेमारी और पूछताछ के दौरान घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान हुई। इसी क्रम में रविवार को रातू के काठीटांड इलाके में विशेष अभियान चलाकर आठ और आरोपियों को दबोच लिया गया। पूछताछ के बाद तीन बालिग आरोपियों को जेल भेज दिया गया, जबकि पांच नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर प्रोबेशन होम भेजा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पीड़िताओं का चिकित्सकीय परीक्षण, घटनास्थल से मिले साक्ष्य तथा आरोपियों के बयान को केस डायरी में शामिल किया गया है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस मामले में भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव का प्रयास रंग लाया है। शोभा यादव ने अपने सहयोगियों के साथ तुपुदाना मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। शोभा यादव ने पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत कर मामले का उदभेदन और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
राजधानी में नाबालिगों के साथ हुई इस जघन्य वारदात ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि दोषियों को शीघ्र सख्त सजा दिलाने के लिए मजबूत साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

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