
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जमशेदपुर की मतदाता सूची में तीन अफगानी नागरिकों के नाम सामने आने के भाजपा के दावे के बाद राज्य की मतदाता सूची और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शोभा यादव ने इसे गंभीर मामला बताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह केवल तीन नामों का मामला नहीं है, बल्कि इससे यह सवाल उठता है कि कोई विदेशी नागरिक भारतीय मतदाता सूची तक पहुंचा कैसे। शोभा यादव ने कहा कि यदि संबंधित तीन व्यक्ति अफगानी नागरिक हैं और भारतीय नागरिक नहीं हैं, तो उनके नाम मतदाता सूची में किस आधार पर दर्ज किए गए, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन लोगों के भारतीय पहचान से संबंधित दस्तावेज कैसे तैयार हुए। यदि उनके पास आधार, पहचान या अन्य दस्तावेज हैं, तो इन दस्तावेजों के निर्माण और सत्यापन की प्रक्रिया की भी जांच आवश्यक है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदक की पहचान, पता और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। ऐसे में यह पता लगाना जरूरी है कि संबंधित लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर हुआ और उस समय अधिकारियों या संबंधित कर्मियों ने किन तथ्यों के आधार पर उन्हें सही माना। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बूथ स्तर पर सत्यापन के दौरान लापरवाही हुई या किसी स्तर पर गलत दस्तावेजों के आधार पर नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का प्रयास किया गया। शोभा यादव ने कहा कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला महज मानवीय या प्रशासनिक चूक का है अथवा इसके पीछे किसी तरह की सुनियोजित प्रक्रिया रही है। शोभा यादव ने सरकार और जिला प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि क्या इस तरह के मामले केवल जमशेदपुर तक सीमित हैं या राज्य के दूसरे जिलों की मतदाता सूचियों में भी विदेशी नागरिकों के नाम मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि यदि एसआईआर के दौरान तीन ऐसे मामले सामने आए हैं, तो अन्य जिलों में भी मतदाता सूची की जांच की जानी चाहिए। इससे यह पता चल सकेगा कि कहीं इस तरह की गड़बड़ी व्यापक स्तर पर तो नहीं है। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। ऐसे में यदि जांच के दौरान अपात्र या विदेशी नागरिकों के नाम सामने आते हैं, तो केवल उन नामों को सूची से हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए। नाम मतदाता सूची में शामिल होने से लेकर संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन तक पूरी प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि किसी व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने में मदद की है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। शोभा यादव ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसमें किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल होना या किसी पात्र नागरिक का नाम छूट जाना दोनों गंभीर विषय हैं। इसलिए जमशेदपुर में सामने आए कथित मामले की निष्पक्ष जांच कर पूरी स्थिति जनता के सामने रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता को यह जानने का अधिकार है कि यदि विदेशी नागरिकों के नाम वास्तव में मतदाता सूची में शामिल हुए हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है और किस स्तर पर चूक हुई। भाजपा ने सरकार से मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्यभर में मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
