
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: राजधानी रांची के नामकुम क्षेत्र में दुर्गापूजा की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। नामकुम के जय माता दी क्लब की ओर से इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक पूजा पंडाल तैयार कराया जा रहा है। पूजा पंडाल को राजस्थान के जयपुर स्थित प्रसिद्ध ’’हवा महल’’ की तर्ज पर बनाया जा रहा है। पंडाल को भव्य और आकर्षक रूप देने के लिए कारीगर दिन-रात काम में जुटे हैं। पंडाल का निर्माण पूरा होने के बाद यह श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। जय माता दी क्लब की ओर से प्रत्येक वर्ष दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडाल के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और धार्मिक विषयों पर आधारित आकर्षक झांकियां भी निकाली जाती हैं। इस वर्ष भी कई झांकियां निकालने की तैयारी है। क्लब के सदस्यों के अनुसार झांकियों के माध्यम से धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश देने का प्रयास किया जायेगा। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
जय माता दी क्लब के अध्यक्ष ’’विनोद सिंह यादव’’ ने बताया कि क्लब की ओर से दुर्गापूजा को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाता है। पूजा के माध्यम से समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करने का भी प्रयास किया जाता है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाये जाने वाले चढ़ावे का उपयोग गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में सहायता के लिए किया जायेगा। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे कई परिवार हैं, जो आर्थिक अभाव के कारण अपनी बेटियों की शादी ठीक ढंग से नहीं कर पाते। ऐसे जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करना क्लब का सामाजिक दायित्व है। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दिये गये चढ़ावे का उपयोग इसी उद्देश्य के लिए किया जायेगा। क्लब का प्रयास रहेगा कि जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचायी जाये और किसी गरीब परिवार की बेटी की शादी आर्थिक परेशानी के कारण प्रभावित नहीं हो। विनोद सिंह यादव ने बताया कि जय माता दी क्लब की दुर्गापूजा की एक खास बात यह भी है कि पूजा आयोजन के लिए किसी व्यक्ति से चंदा या आर्थिक सहायता नहीं ली जाती है। क्लब अपने स्तर पर पूजा की व्यवस्था करता है। उनका कहना है कि दुर्गापूजा श्रद्धा और आस्था का पर्व है। इसलिए आयोजन में समाज के लोगों की आस्था और सहभागिता को महत्व दिया जाता है, लेकिन किसी व्यक्ति पर चंदा देने का दबाव नहीं बनाया जाता। पूजा पंडाल में जयपुर के हवा महल की स्थापत्य शैली को उकेरने की तैयारी की जा रही है। हवा महल की पहचान उसकी खूबसूरत खिड़कियों और जालीदार स्थापत्य शैली से है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंडाल को आकर्षक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। पंडाल की सजावट और रोशनी के जरिए श्रद्धालुओं को अलग अनुभव देने की तैयारी है।
पूजा के दौरान पंडाल परिसर में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा जायेगा। क्लब के सदस्यों के अनुसार दुर्गापूजा के दौरान नामकुम और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पूजा पंडाल में पहुंचते हैं। बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष आकर्षण झांकियां रहेंगी। धार्मिक वातावरण के साथ सामाजिक संदेश देने वाली झांकियां लोगों को जागरूक करने का काम करेंगी। जय माता दी क्लब की ओर से इस वर्ष भी पूजा को भव्य बनाने के साथ सामाजिक सरोकार से जोड़ने की तैयारी की गयी है। हवा महल की तर्ज पर बन रहा पूजा पंडाल जहां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा, वहीं गरीब बेटियों की शादी में सहायता का निर्णय दुर्गापूजा के माध्यम से समाजसेवा की मिसाल पेश करने का प्रयास है।
