
’’मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर वूमेन प्रोफेशनल्स एवं चौरिटेबल चार्म्स की सदस्यों ने सेवा और सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश करते हुए सेंट थॉमस स्कूल, बांधटोली, हरदाग के बच्चों के साथ गांधी जयंती मनाई। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को गांधी जी के सत्य, अहिंसा, सेवा और सामाजिक सद्भावना के विचारों से अवगत कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से स्कूल को तीन कंप्यूटर प्रदान किए गए। कार्यक्रम में समाजसेवी रूपम झा, ख्याति मुंजाल, नीलम केरकेट्टा और प्रतिभा सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि गांधी जी का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने सत्य, अहिंसा, समानता, सामाजिक समरसता और सेवा को अपने जीवन का आधार बनाया। वक्ताओं ने बच्चों को गांधी जी के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता समझाते हुए कहा कि बदलते दौर में भी उनके सिद्धांत समाज को सही दिशा देने में सक्षम हैं।
गांधी जयंती के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को तकनीकी संसाधनों से जोड़ना रहा। समाजसेवी रूपम, प्रतिभा सिंह और नीलम की पहल पर वूमेन प्रोफेशनल्स एवं चौरिटेबल चार्म्स की सदस्यों ने स्कूल को तीन कंप्यूटर उपलब्ध कराए। स्कूल में पढ़ने वाले कई बच्चे अनाथ और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। आर्थिक कठिनाइयों के कारण इन बच्चों के लिए आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच आसान नहीं है। ऐसे में कंप्यूटर मिलने से उन्हें डिजिटल शिक्षा और तकनीकी ज्ञान हासिल करने का अवसर मिलेगा। कंप्यूटर के माध्यम से विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन सामग्री का उपयोग करने के साथ-साथ कंप्यूटर का व्यावहारिक ज्ञान भी हासिल कर सकेंगे। इससे बच्चों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद समाजसेवी महिलाओं ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा के साथ डिजिटल ज्ञान भी बेहद जरूरी है। जरूरतमंद बच्चों को यह सुविधा उपलब्ध कराना उनके भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
कार्यक्रम के दौरान सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए वृद्धाश्रम के लिए राशन सामग्री का भी वितरण किया गया। आयोजकों ने कहा कि समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सहयोग पहुंचाना ही गांधी जी के सेवा और सामाजिक सद्भावना के संदेश को वास्तविक रूप में आगे बढ़ाना है। बच्चों की शिक्षा से लेकर बुजुर्गों की दैनिक जरूरतों तक सहायता पहुंचाने की इस पहल ने कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक सरोकार से जोड़ दिया। आयोजकों के अनुसार, गांधी जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक स्मरण समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांधी जी के विचारों को व्यवहार में उतारने का प्रयास बना। जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के लिए संसाधन उपलब्ध कराना, उन्हें तकनीक से जोड़ना और वृद्धाश्रम में राशन पहुंचाना समाज के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि समाज के सक्षम वर्ग को जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और वंचित लोगों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। सेवा की छोटी-सी पहल भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने इसी संदेश को रेखांकित किया कि सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना के साथ सेवा की भावना को अपनाकर ही समाज को अधिक संवेदनशील और समतामूलक बनाया जा सकता है।कार्यक्रम में सरिता प्रसाद, प्रतिभा सिंह, प्रीति झा, अमृता पांडे, निधि राय, निधि गुप्ता, किरण सिंह, ब्यूटी पाठक, प्रभा सिंह , अनुराधा एस.मिंज, ज्योति बेला मिंज समेत कई समाजसेवी महिलाओं ने भाग लिया। सेंट थॉमस स्कूल की ओर से हिलेरियस एक्का ने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों और समाजसेवी महिलाओं का स्वागत किया तथा बच्चों के लिए किए गए इस सहयोग के प्रति आभार जताया।

