घर-घर में हों मां दुर्गा के पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र, बाबूलाल मरांडी का सनातन भक्तों से आह्वान,काशीडीह में मिट्टी के घड़ों से बने अनूठे पूजा पंडाल का उद्घाटन, वोकल फॉर लोकल की मिसाल

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
जमशेदुपर: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सनातन धर्म के अनुयायियों से मां दुर्गा के पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों को अपने घरों में रखने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को मां दुर्गा के पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र अपने घरों में रखने चाहिए, ताकि उन्हें मां की शक्ति का एहसास हो और सनातन धर्म के प्रति उनकी आस्था मजबूत हो। मरांडी जमशेदपुर के काशीडीह स्थित ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह क्लब के दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक पूर्णिमा साहू, टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदरम और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह समेत कई नेता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। धार्मिक आस्था के संदेश के साथ इस आयोजन में प्रकृति संरक्षण, स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन, नारी सम्मान और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी सामने आए।
मिट्टी के घड़ों से सजा पंडाल, प्रकृति की छटा ने खींचा ध्यान
काशीडीह के ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह क्लब का पूजा पंडाल इस बार अपनी अनूठी बनावट के कारण आकर्षण का केंद्र बना है। मिट्टी के घड़ों से पंडाल की आकृति तैयार की गई है, जिसमें प्रकृति की छटा और पारंपरिक भारतीय शिल्पकला की झलक दिखाई देती है। मिट्टी के घड़ों के रचनात्मक इस्तेमाल ने पंडाल को विशिष्ट पहचान दी है। बाबूलाल मरांडी ने पंडाल का उद्घाटन करते हुए सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। नवरात्र के अवसर पर मां दुर्गा की आराधना के बीच उनका आह्वान श्रद्धालुओं को अपनी परंपराओं से जुड़ने का संदेश देता है।

वोकल फॉर लोकल की भावना को मिला नया रूप
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने मिट्टी के घड़ों से निर्मित पंडाल को स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने वाली पहल बताया। उन्होंने कहा कि कुम्हारों द्वारा तैयार घड़ों का उपयोग श्वोकल फॉर लोकलश् की भावना को मजबूत करता है। इससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और पारंपरिक शिल्प को नई पहचान मिलती है। उन्होंने प्रकृति से जुड़ाव के महत्व पर भी जोर दिया। पंडाल की बनावट यह संदेश देती है कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से भारतीय परंपराओं, स्थानीय हुनर और प्राकृतिक परिवेश के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है। विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर की महिलाओं के साथ-साथ दूसरे परिवारों की महिलाओं का भी सम्मान करना चाहिए। उन्होंने नारी सम्मान को सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण मूल्य बताते हुए लोगों से अपने व्यवहार में इसका पालन करने की अपील की। मां दुर्गा की आराधना के अवसर पर उनका संदेश महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखने पर केंद्रित रहा।

सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हुए सभी को देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की प्रार्थना करनी चाहिए। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा की कृपा पूरे देश पर बनी रहे और भारत निरंतर प्रगति करे। टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदरम ने पूजा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष पूजा में आने वाले भक्तों के लिए सुलभ शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।
काशीडीह के इस पूजा पंडाल में जहां मिट्टी के घड़ों से भारतीय लोककला और प्रकृति के प्रति जुड़ाव का संदेश दिया गया, वहीं उद्घाटन समारोह में सनातन आस्था, नारी सम्मान और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी जोर रहा। धार्मिक परंपरा और सामाजिक सरोकारों के मेल ने आयोजन को विशेष पहचान दी।

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