
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
चतरा: चतरा जिला मुख्यालय में सोमवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) आवास के बाहर दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरे शहर में सनसनी फैल गई। एसपी कार्यालय एवं आवास के ठीक सामने एक निजी सुरक्षा गार्ड ने अपने ही साथी को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को हथियार सहित मौके से गिरफ्तार कर लिया और हत्या में प्रयुक्त हथियार भी जब्त कर लिया है। मृतक की पहचान बिहार के बक्सर निवासी अतुल कुमार के रूप में हुई है, जबकि गिरफ्तार आरोपित ’’बलवीर सिंह’’ भी बिहार का रहने वाला बताया गया है। दोनों बिहार के बेलागंज की विधायक मनोरमा यादव के पुत्र एवं ठेकेदार ’’रॉकी यादव उर्फ विनीत यादव’’ के निजी बॉडीगार्ड थे। पुलिस के अनुसार, ठेकेदार रॉकी यादव चतरा बाईपास निर्माण कार्य से संबंधित किसी विषय पर पुलिस अधीक्षक से मिलने सोमवार दोपहर उनके आवास पहुंचे थे। इस दौरान उनके दोनों निजी सुरक्षा कर्मी वाहन में बाहर इंतजार कर रहे थे। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि बलवीर सिंह ने अपना हथियार निकालकर अतुल कुमार के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही अतुल कुमार मौके पर ही गिर पड़े और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
गोली चलने की आवाज सुनते ही एसपी आवास परिसर और आसपास तैनात पुलिसकर्मी तत्काल घटनास्थल की ओर दौड़े। पुलिस ने बिना देर किए आरोपित बलवीर सिंह को दबोच लिया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ समय के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, रॉकी यादव की ’’रमिया कंस्ट्रक्शन’’ कंपनी चतरा बाईपास निर्माण कार्य का जिम्मा संभाल रही है। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य से जुड़े किसी प्रशासनिक विषय को लेकर वह एसपी से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान उनके दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे दोनों बॉडीगार्ड के बीच आपसी विवाद की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ जारी है ताकि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवाद अचानक हुआ या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश थी। एसपी कार्यालय और आवास जैसे अतिसुरक्षित क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। आसपास के क्षेत्र में भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में इस तरह की घटना होना बेहद चिंताजनक है। दिनदहाड़े हुई गोलीबारी से कुछ देर के लिए पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद हत्या के कारणों और अन्य तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।
