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मुखर संवाद के लिए शिल्पी यादव की रिपोर्ट
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धनबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को धनबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ करीब 25 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई अनिल गोयल, एल.बी. सिंह और हरेंद्र चौहान से जुड़े ईसीआईआर (Enforcement Case Information Report) के तहत की गई। सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई में ईडी की कई टीमों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ विभिन्न आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर एक साथ दबिश दी। ईडी की जांच का दायरा कथित वित्तीय अनियमितताओं, अवैध लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध निवेश से जुड़े मामलों तक फैला हुआ है। इसी क्रम में गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव, हरेंद्र चौहान, माधो सिंह, महेंद्र प्रताप, इम्तियाज अली और रजनीकांत शर्मा समेत कई लोगों के आवास एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की तलाशी ली गई। ईडी की टीमों ने कई स्थानों से दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बैंक खातों, संपत्ति से संबंधित कागजात, लेन-देन के दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल स्टोरेज डिवाइस की गहन जांच की। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित धन का निवेश किन-किन क्षेत्रों में किया गया तथा उसके जरिए किन लोगों को लाभ पहुंचाया गया। ईडी की यह कार्रवाई पूर्व में दर्ज ईसीआईआर के आधार पर की जा रही है।
एजेंसी को आशंका है कि मामले में कई व्यक्तियों और कंपनियों के बीच आर्थिक लेन-देन का एक व्यापक नेटवर्क सक्रिय था। इसी कारण विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर साक्ष्य जुटाने की रणनीति अपनाई गई, ताकि किसी भी प्रकार के दस्तावेज या डिजिटल साक्ष्य को नष्ट होने से बचाया जा सके l छापेमारी के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया था। ईडी के अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में मामले की जांच प्रभावित होने का हवाला देते हुए विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि तलाशी के दौरान प्राप्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। यदि जांच में मनी लॉन्ड्रिंग या अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के लिए समन जारी किए जा सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर ईडी संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने जैसी कार्रवाई भी कर सकती है। धनबाद में ईडी की इस व्यापक कार्रवाई से कारोबारी और राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। एक साथ 25 ठिकानों पर हुई छापेमारी को हाल के दिनों की सबसे बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई माना जा रहा है। फिलहाल एजेंसी की तलाशी और दस्तावेजों की जांच जारी है। ईडी की ओर से आधिकारिक बयान जारी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, जिन व्यक्तियों के परिसरों पर छापेमारी हुई है, उनकी ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
