
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर माला चढ़ाकर उसे अंतिम संस्कार के रूप में प्रदर्शित करने के मामले में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने रांची साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले को गंभीर और आपत्तिजनक बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ निष्पक्ष साइबर जांच कर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, ऋषिकेश चौहान नामक व्यक्ति की ओर से रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर कथित तौर पर यह कमेंट किया गया था।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति करोड़ों देशवासियों के मन में सम्मान है। देश के लोग प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की तस्वीर पर माला चढ़ाकर उसे अंतिम संस्कार के रूप में प्रदर्शित करना बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा और नीतियों को लेकर किसी भी व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को मृत दर्शाने अथवा उनकी मृत्यु की कामना करने वाली सामग्री प्रदर्शित करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से इस तरह की सामग्री का प्रसार समाज में गलत संदेश दे सकता है। राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है और सरकार की नीतियों की आलोचना भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य है, लेकिन विरोध के नाम पर किसी व्यक्ति की मृत्यु को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करना गंभीर विषय है। खासकर तब, जब संबंधित व्यक्ति देश के प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन हों। अजय साह ने साइबर थाना में दी गई शिकायत में मामले की तकनीकी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस को संबंधित इंस्टाग्राम प्रोफाइल, कमेंट, तस्वीर और उसके प्रसार से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच करनी चाहिए। यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि कथित कमेंट किस अकाउंट से किया गया, सामग्री कब पोस्ट की गई और इसे आगे किन लोगों तक प्रसारित किया गया। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसकी पहुंच व्यापक है, इसलिए सोशल मीडिया पर पोस्ट या कमेंट करते समय जिम्मेदारी और मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता से असहमति होने पर संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी जा सकती है। लेकिन प्रधानमंत्री की मृत्यु को लेकर इस प्रकार की तस्वीर या सामग्री प्रदर्शित करना राजनीतिक असहमति की सीमा से आगे की बात है। उन्होंने मामले की जांच में किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप से बचने की अपील करते हुए कहा कि दोषी के खिलाफ कार्रवाई तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और यह स्पष्ट होगा कि आपत्तिजनक सामग्री किसने तैयार की और उसे सोशल मीडिया पर किस उद्देश्य से प्रसारित किया गया। अजय साह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के पद की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र जांच पूरी की जाए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर राजनीतिक विरोध के नाम पर इस तरह की आपत्तिजनक गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए।
