राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी के सवाल पर केंद्र सरकार ने संसद में दी जानकारी, उड़ान योजना के तहत झारखंड के छह हवाई अड्डे चयनित, 122.04 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी द्वारा संसद में उठाए गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया है कि क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस)-उड़ान के तहत झारखंड के छह हवाई अड्डों का चयन विकास के लिए किया गया है। इनमें बोकारो, दुमका, जमशेदपुर, हजारीबाग, देवघर और डाल्टनगंज हवाई अड्डे शामिल हैं। नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को राज्यसभा में यह जानकारी देते हुए बताया कि इनमें से दो हवाई अड्डों पर उड़ान सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, जबकि दो अन्य का विकास कार्य पूरा हो चुका है। राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने सरकार से पूछा था कि उड़ान योजना के तहत झारखंड में क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं तथा पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्य में हवाई अड्डा अवसंरचना के विकास के लिए कितनी राशि स्वीकृत और व्यय की गई है। इसके जवाब में नागरिक विमानन राज्य मंत्री ने विस्तृत जानकारी सदन के पटल पर रखी। मंत्री ने बताया कि चयनित छह हवाई अड्डों में से जमशेदपुर और देवघर हवाई अड्डे वर्तमान में परिचालनरत हैं। वहीं, बोकारो और दुमका हवाई अड्डों का विकास कार्य पूरा किया जा चुका है। हजारीबाग और डाल्टनगंज हवाई अड्डों के विकास का कार्य अभी लंबित है, क्योंकि इन दोनों परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है। भूमि उपलब्ध होने के बाद इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकेगा। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि झारखंड में हवाई अड्डा अवसंरचना के विकास के लिए कुल 122.04 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके मुकाबले अब तक 117.61 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह राशि क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ करने और राज्य के विभिन्न हिस्सों में विमानन सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से उपयोग में लाई गई है।सांसद परिमल नथवाणी ने कहा कि झारखंड जैसे खनिज, औद्योगिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य में बेहतर हवाई संपर्क समय की आवश्यकता है। उन्होंने संसद में इस मुद्दे को उठाकर यह जानने का प्रयास किया कि केंद्र सरकार राज्य में हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए किस प्रकार कार्य कर रही है। उनका कहना है कि बेहतर हवाई संपर्क से उद्योग, व्यापार, पर्यटन, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी आवागमन की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।

नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने अपने उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से चार जुलाई, 2026 को संशोधित उड़ान योजना लागू की है। इस योजना के तहत अगले दस वर्षों में देशभर के 120 नए असेवित और अल्पसेवित गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही लगभग चार करोड़ यात्रियों को सस्ती और सुलभ हवाई यात्रा उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है। मंत्री ने बताया कि संशोधित उड़ान योजना के अंतर्गत पर्वतीय क्षेत्रों, आकांक्षी जिलों तथा पूर्वाेत्तर राज्यों में छोटे हवाई अड्डों और हेलीपैड के विकास को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
झारखंड के संदर्भ में केंद्र सरकार का यह जवाब राज्य के विमानन क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी द्वारा उठाए गए प्रश्न के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ है कि झारखंड में हवाई संपर्क विस्तार की दिशा में कई परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। हालांकि हजारीबाग और डाल्टनगंज हवाई अड्डों की प्रगति राज्य सरकार द्वारा भूमि उपलब्ध कराने पर निर्भर है। भूमि उपलब्ध होते ही इन परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

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