संवेदक संघ राची की ओर से संवेदक पर अभियंता रमेश टूडू पर गलत तरीके से केस दर्ज कराने का आरोप,अभियंता रमेश टूडू ने संवेदक के खिलाफ दर्ज करायी एससी एसटी एक्ट की प्राथमिकी

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: रांची भवन निर्माण विभाग के अभियंता रमेश टूडू द्वारा एक संवेदक के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। रांची संवेदक संघ ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि संबंधित संवेदक को गलत तरीके से फंसाया गया है और विभागीय विवाद को अनावश्यक रूप से आपराधिक मामला बनाया गया है।
रांची संवेदक संघ के अध्यज्ञ राकेश चौधरी ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा कि जिस संवेदक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, वह लंबे समय से विभागीय कार्यों का निष्पादन कर रहा है और उसके खिलाफ पूर्व में इस प्रकार की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। संघ का आरोप है कि अभियंता द्वारा व्यक्तिगत और विभागीय मतभेद के कारण एससी-एसटी एक्ट का सहारा लेकर संवेदक पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया है। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकारी कार्यों में गुणवत्ता, भुगतान और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर विभाग और संवेदकों के बीच समय-समय पर मतभेद होते रहते हैं, लेकिन ऐसे मामलों का समाधान बातचीत और विभागीय प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराना उचित नहीं है।

संवेदक संघ ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान राकेश चौधरी ने दावा किया कि संबंधित संवेदक को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि संवेदक समाज विकास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को बिना पर्याप्त तथ्यों के नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। संघ ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। दूसरी ओर अभियंता रमेश टूडू पहले ही पुलिस को दिए गए अपने आवेदन में गंभीर आरोप लगा चुके हैं। उनके द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस दोनों पक्षों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

कानूनी जानकारों का कहना है कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में जांच की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में आरोपों की सत्यता की निष्पक्ष पड़ताल आवश्यक है ताकि न्यायिक प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास बना रहे। फिलहाल यह मामला भवन निर्माण विभाग, संवेदक समुदाय और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। संवेदक संघ ने निष्पक्ष जांच होने तक आंदोलनात्मक कदम उठाने की भी चेतावनी दी है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके।

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