
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
धनबादः धनबाद में मंगलवार सुबह एक बार फिर भू-धंसान की बड़ी घटना से लोगों में दहशत फैल गई। जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नंबर में अचानक जमीन धंसने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। भू-धंसान की चपेट में आने से कई घर जमींदोज हो गए, जबकि आसपास के बड़े इलाके में जमीन पर गहरी और चौड़ी दरारें पड़ गईं। घटना के बाद प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले परिवारों के बीच भय का माहौल है।
भू-धंसान की इस घटना में दो बच्चों समेत करीब आधा दर्जन महिलाएं घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग राहत और बचाव में जुट गए। ग्रामीणों ने घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। अन्य घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन धंसने के बाद आसपास के इलाके में कई जगह गहरी दरारें बन गई हैं। कुछ स्थानों पर दरारों का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। इससे लोगों को आशंका है कि भू-धंसान का क्षेत्र और विस्तृत हो सकता है। खतरे को देखते हुए आसपास के कई परिवार अपने घरों से बाहर निकल आए हैं। लोगों को डर है कि यदि जमीन और धंसी तो कई और मकान इसकी चपेट में आ सकते हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। प्रभावित इलाके में स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं होती, तब तक वहां रहना जोखिम भरा है। भू-धंसान की घटना को लेकर स्थानीय लोगों में बीसीसीएल और जिला प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिजुआ और आसपास के इलाकों में लंबे समय से भू-धंसान की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, स्थायी पुनर्वास और खतरनाक क्षेत्रों को सुरक्षित करने के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने सिजुआ-धनबाद मुख्य सड़क को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम होने से आवागमन प्रभावित हुआ और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, राहत-बचाव कार्य शुरू करने और पूरे इलाके का सुरक्षा आकलन कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल घटना के बाद राहत पहुंचाना पर्याप्त नहीं है। जिन परिवारों के घर भू-धंसान की जद में आए हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही जमीन में बन रही दरारों की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाए कि खतरा किन-किन क्षेत्रों तक फैल सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से तत्काल प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने, लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की ठोस योजना बनाने की मांग की है। फिलहाल भू-धंसान के बाद सिजुआ 10 नंबर और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल बना हुआ है।
