
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू) परिसर स्थित जी.डी. बिरला ऑडिटोरियम ‘जीवन’ में महादेवी बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड क्लिनिकल टेक्नोलॉजी की ओर से विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘सतत और स्वस्थ शुरुआत के लिए प्रभावी स्तनपान एवं इसकी आवश्यकता’ था। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य में स्तनपान की भूमिका को रेखांकित करना था। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक, नर्सिंग विद्यार्थी, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत बीएससी नर्सिंग चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा अंजलि कुमारी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विश्व स्तनपान सप्ताह के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद नर्सिंग विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर स्तनपान और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। बीएससी नर्सिंग चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा इशिका कुमारी ने विश्व स्तनपान सप्ताह का विस्तृत सारांश प्रस्तुत किया। उन्होंने स्तनपान के वैज्ञानिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिशु के समुचित विकास और बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्तनपान बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही माताओं को स्तनपान से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध कराने और भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संस्थान की प्राचार्या डॉ. सुबानी बाड़ा ने कहा कि स्तनपान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की आधारशिला है। जन्म के बाद शुरुआती समय में मां का दूध बच्चे के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने नर्सिंग विद्यार्थियों को भविष्य के स्वास्थ्यकर्मी के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझने और माताओं को स्तनपान संबंधी सही जानकारी एवं आवश्यक सहयोग देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कार्य करने वाले विद्यार्थियों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और पोषण के प्रति जागरूक करना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विश्वविद्यालय के प्रशासक आशुतोष द्विवेदी ने स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज की शुरुआत स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे से होती है और इसमें स्तनपान की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया।
कार्यक्रम में डॉ. श्वेता सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व पर चर्चा की। डीन प्रो. नीलिमा पाठक ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के साथ उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम के अंत में निशा कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। सरला बिरला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन एवं राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने माताओं और परिवारों तक स्तनपान से संबंधित सही एवं वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने तथा इसके प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
