

मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपेार्टः-
रांची : झारखंड में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) संगठन को प्रखंड स्तर तक मजबूत करने और राज्य के राजनीतिक मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच बनाने की तैयारी में जुट गया है। पार्टी अक्टूबर महीने से प्रखंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर संगठन को सक्रिय करेगी। जिला स्तर पर कार्यक्रमों के बाद प्रमंडल स्तर पर भी बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के शामिल होने की संभावना है। पार्टी नेतृत्व ने संगठन को बूथ और पंचायत स्तर तक सक्रिय करने के साथ स्थानीय मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की रणनीति तैयार की है। राजद की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव, विधायक दल के नेता सुरेश पासवान, उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, वरिष्ठ नेता गौतम सागर राणा, सुभाष यादव, सुनी साहू, युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष रंजन कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामदास सिंह यादव सहित विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्ष और पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में तय किया गया कि अक्टूबर से पार्टी का अभियान केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रखंड स्तर तक ले जाया जाएगा। इसके जरिए स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठन की नियमित गतिविधियां बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की पहुंच मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। जिलों में कार्यक्रमों के आयोजन के बाद प्रमंडल स्तर पर भी कार्यकर्ता सम्मेलन और जनसभा जैसे कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी है। इन कार्यक्रमों में तेजस्वी यादव की भागीदारी को लेकर भी पार्टी स्तर पर योजना बनाई जा रही है। राज्य कार्यकारिणी की बैठक में खान-खनिज से जुड़े कानून और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा हुई। राजद इस मुद्दे को धरातल पर जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि खनिज संपदा से जुड़े फैसलों का झारखंड के राजस्व, रोजगार और स्थानीय लोगों के हितों पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए इस मुद्दे को गांव और प्रखंड स्तर तक ले जाकर लोगों को पार्टी का पक्ष बताया जाएगा। राजद का प्रयास है कि खान-खनिज कानून के विरोध को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित न रखकर इसे जनसंवाद का मुद्दा बनाया जाए। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को गांवों और प्रखंडों में जाकर लोगों से संवाद करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। बैठक में इस अभियान के दौरान स्थानीय समस्याओं और जनहित के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया गया।
राज्य कार्यकारिणी की बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए जिला और प्रखंड इकाइयों की सक्रियता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए मजबूत संगठनात्मक ढांचा जरूरी है। इसके मद्देनजर जिलाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित बैठकें करने, कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया गया। युवा राजद को भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका देने की तैयारी है। युवा कार्यकर्ताओं को गांव और पंचायत स्तर पर सक्रिय करने तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों को अभियान में शामिल करने की रणनीति बनाई जा रही है। पार्टी की कोशिश है कि संगठन के पुराने नेताओं के अनुभव और युवा कार्यकर्ताओं की सक्रियता को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।
जिला और प्रखंड स्तर के कार्यक्रमों के बाद प्रमंडलीय स्तर पर होने वाले आयोजनों को राजद के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी इन कार्यक्रमों के माध्यम से अपने संगठनात्मक आधार का आकलन करने के साथ कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने की तैयारी में है। तेजस्वी यादव की संभावित भागीदारी से इन कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना है। बैठक में नेताओं ने संगठन की मजबूती के लिए आपसी समन्वय और लगातार जनसंपर्क पर जोर दिया। पार्टी का अभियान अक्टूबर से शुरू होकर आने वाले महीनों में विभिन्न चरणों में चलाने की तैयारी है। राजद नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि संगठन को केवल राजधानी और जिला मुख्यालयों तक सीमित रखने के बजाय गांवों तक सक्रिय करना प्राथमिकता होगी। इसी के साथ खान-खनिज कानून समेत राज्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों को लेकर जनता के बीच संवाद बढ़ाया जाएगा।
