मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
नगांव/गुवाहाटी: पूर्वाेत्तर भारत के असम और मणिपुर में मंगलवार की सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब धरती अचानक कांप उठी। तड़के आए भूकंप के तेज झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। असम के नगांव में भूकंप के झटके सबसे पहले महसूस किए गए। सुबह करीब ’’4 बजकर 23 मिनट’’ पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर ’’4.5’’ मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर करीब ’’33 किलोमीटर की गहराई’’ में बताया गया है। अचानक बिस्तर और घरों के हिलने से लोग घबरा गए। रात के सन्नाटे में धरती के कंपन ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। कई लोग नींद से उठकर सीधे घरों से बाहर निकल आए। कुछ इलाकों में घबराए लोगों के बीच चीख-पुकार की स्थिति बन गई। लोग खुले स्थानों की ओर भागते नजर आए और एक-दूसरे से भूकंप के झटकों की जानकारी लेते रहे। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों के बीच डर का माहौल पैदा हो गया। खासकर उन परिवारों में ज्यादा दहशत देखी गई, जिनके घरों में कंपन के कारण सामान हिलने लगा। तड़के का समय होने के कारण ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। अचानक धरती के हिलने से कई लोग घबराकर अपने परिजनों को जगाने लगे।
’’नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप की तीव्रता 4.5 रही और इसकी गहराई करीब 33 किलोमीटर थी। भूकंप के झटके असम के अलावा मणिपुर में भी महसूस किए गए। पूर्वाेत्तर का यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है, इसलिए यहां भूकंप के झटकों को लेकर लोगों में स्वाभाविक रूप से चिंता बनी रहती है। हालांकि, भूकंप की तीव्रता ऐसी नहीं थी कि व्यापक स्तर पर भारी तबाही की आशंका पैदा हो, लेकिन तड़के आए झटकों ने लोगों को जरूर डरा दिया। भूकंप के बाद लोग काफी देर तक घरों में लौटने से बचते रहे। कई लोगों ने एहतियात के तौर पर खुले स्थानों में रहना बेहतर समझा। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान सबसे जरूरी है कि लोग घबराने के बजाय सावधानी बरतें। विशेषज्ञ लगातार सलाह देते हैं कि झटके महसूस होने पर घर के भीतर हों तो मजबूत मेज या किसी सुरक्षित स्थान के नीचे शरण लें, खिड़कियों और भारी सामान से दूर रहें तथा लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। यदि बाहर हों तो इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखना चाहिए।
असम और मणिपुर में मंगलवार तड़के आए भूकंप ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि पूर्वाेत्तर भारत का भूकंपीय जोखिम कितना गंभीर है। राहत की बात यह है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस भूकंप से बड़े नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है। फिर भी अचानक आए झटकों ने लोगों को सतर्क जरूर कर दिया है। सुबह होते-होते लोग भूकंप के अनुभव और उसकी तीव्रता को लेकर एक-दूसरे से जानकारी साझा करते रहे। धरती के इस कंपन ने भले ही कुछ क्षणों के लिए लोगों को डराया हो, लेकिन इसने आपदा के समय तैयार रहने और भूकंपरोधी सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया है।
