झारखंड में स्थापित होगी मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा, समाजवादी विरासत को मिलेगी नई पहचान चौथी पुण्यतिथि पर प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव ने की घोषणा, बोले-गरीबों, पिछड़ों और वंचितों के संघर्ष की जीवंत प्रेरणा हैं नेताजी

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करने के संकल्प के साथ झारखंड समाजवादी पार्टी ने समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की है। उनकी चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन को याद किया। इस मौके पर नेताओं ने कहा कि मुलायम सिंह यादव का जीवन गरीबों, पिछड़ों, किसानों, मजदूरों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष की मिसाल है। पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुलायम सिंह यादव के विचारों, सिद्धांतों और सामाजिक न्याय के प्रति उनके समर्पण को याद किया गया। नेताओं ने उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने तथा वंचित वर्गों के हितों की आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया। प्रतिमा स्थापना की घोषणा को नेताजी के प्रति सम्मान प्रकट करने के साथ-साथ उनकी वैचारिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव ने कहा कि श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव ने अपना संपूर्ण जीवन समाजवादी विचारधारा के प्रति समर्पित कर दिया। वे गरीबों, पिछड़ों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के लिए प्रेरणास्रोत रहे। उनका राजनीतिक जीवन इस बात का प्रमाण है कि समाज के कमजोर वर्गों को उनका अधिकार दिलाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, संघर्ष और जनसेवा के प्रति समर्पण जरूरी है। रंजन यादव ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूती प्रदान की और वंचित तबकों की समस्याओं को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचार आज भी उन लोगों को दिशा देते हैं, जो समाज में समानता, सम्मान और अधिकारों की स्थापना के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा स्थापित करने का उद्देश्य केवल उनकी स्मृति को संरक्षित करना नहीं, बल्कि उनके विचारों और संघर्षों को जीवंत बनाए रखना है। प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगी कि राजनीति का वास्तविक उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित लोगों की सेवा करना तथा उन्हें न्याय दिलाना होना चाहिए।
वहीं, प्रदेश महासचिव मुस्तफा अंसारी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ऐसे जननेता थे, जिन्होंने समाजवाद को केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि अपने जीवन का सिद्धांत बनाया। वे अंतिम सांस तक समाजवादी विचारधारा के प्रति समर्पित रहे। देश के गरीबों की आत्मा में बसने वाले नेताजी ने अपने संघर्ष और जनसरोकारों के माध्यम से समाजवादी राजनीति को व्यापक पहचान दिलाई।
मुलायम सिंह यादव का व्यक्तित्व और कृतित्व उन सभी लोगों के लिए प्रेरणादायी है, जो सामाजिक विषमता के खिलाफ आवाज उठाते हैं और कमजोर वर्गों को उनका हक दिलाना चाहते हैं। उनके विचारों की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। समाज में आर्थिक और सामाजिक असमानताओं को दूर करने के लिए समाजवादी मूल्यों को मजबूत करना जरूरी है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया कि मुलायम सिंह यादव की विरासत को केवल पुण्यतिथि पर याद करने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उनके बताए रास्ते पर चलते हुए गरीबों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रतिमा स्थापना की घोषणा के साथ पार्टी नेताओं ने समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने और सामाजिक न्याय के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का संकल्प दोहराया। अब प्रतिमा स्थापना की पहल को अमलीजामा पहनाने की दिशा में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। इस श्रद्धांजलि सभा में रांची जिलाध्यक्ष रामप्रसाद गोप, वरीय नेता सुरेन्द्र कालिंदी, विनोद बेदिया सहित कई नेता मौजूद रहे।

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