बीजेपी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता राजीव रंजन मिश्रा के गिरफ्तारी के विरोध में सामाजिक नेता राजभवन के समक्ष आज देंगें धरना

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: राजधानी रांची में बीजेपी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता राजीव रंजन मिश्रा की गिरफ्तारी के विरोध में आज सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों द्वारा राजभवन के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा। राजभवन के समक्ष यह धरना सुबह 9 बजे से लेकर 12 बजे तक आयोजित करने की बात कही गयी है। राजभवन के समक्ष धरना देने के लिये सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का आना शुरू हो गया है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश की ओर से भी राजीव रंजन की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गयी है। वहीं बीजेपी के कई नेताओं ने इस गिरफ्तारी को लेकर साजिश करार भी दिया है। इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। आयोजकों का कहना है कि राजीव रंजन मिश्रा की गिरफ्तारी राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है और प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की है।
राजधानी रांची में वन विभाग ने मॉनिटर लिजार्ड की अवैध तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बीजेपी नेता राजीव रंजन मिश्रा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 14 मई को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो से मिली गुप्त सूचना के आधार पर डेली मार्केट स्थित नटराज होटल में की गई थी जानकारी के अनुसार वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ लोग होटल में ठहरकर मॉनिटर लिजार्ड की तस्करी की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने होटल के कमरा नंबर 203 में छापेमारी की। इस दौरान एक काले पैकेट से तीन मृत मॉनिटर लिजार्ड बरामद किए गए। मौके से तस्करी से जुड़ी अन्य सामग्री भी जब्त की गई।इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजीव रंजन मिश्रा, उनके पुत्र अविनाश आनंद और अरुण राम के रूप में हुई है। राजीव रंजन मिश्रा रांची के लेक रोड बड़ा तालाब क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी बरामद वन्यजीवों के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। होटल प्रबंधन के अनुसार कमरा नंबर 203 और 206 को 13 मई को पश्चिम बंगाल निवासी विष्णु गुप्ता के नाम से बुक कराया गया था। वन विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मॉनिटर लिजार्ड को कहां सप्लाई किया जाना था तथा इसके पीछे कितना बड़ा गिरोह सक्रिय है।वन विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

राजभवन धरना कार्यक्रम में कई सामाजिक नेताओं, बीजेपी कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से राजीव रंजन मिश्रा की अविलंब रिहाई और जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
आंदोलन से जुड़े नेताओं ने कहा कि राजीव रंजन मिश्रा लंबे समय से सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं और जनता के मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। सरकार विरोधी आवाज को दबाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। धरना में शामिल होने वाले नेताओं ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। राजभवन के समक्ष होने वाले इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। बीजेपी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाना उचित नहीं है और यदि निर्दाेष लोगों को परेशान किया जाएगा तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। वहीं प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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