मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: वियतनाम में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले रांची के किशोरगंज निवासी राजा वर्मा के परिवार को झारखंड सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी गई। मंगलवार को झारखंड सरकार के श्रम एवं नियोजन मंत्री ’’संजय प्रसाद यादव’’ ने स्वयं किशोरगंज स्थित दिवंगत राजा वर्मा के आवास पर पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ’’5 लाख रुपये का चेक’’ सौंपा। इस दौरान मंत्री ने परिवार को हरसंभव सरकारी सहयोग का भरोसा दिलाया। राजा वर्मा की मौत की खबर सामने आने के बाद से ही किशोरगंज इलाके में शोक का माहौल था। विदेश की धरती पर हुए सड़क हादसे में परिवार ने अपने युवा सदस्य को खो दिया। हादसे के बाद सबसे बड़ी चिंता उनके पार्थिव शरीर को वियतनाम से रांची लाने की थी। सरकार की पहल के बाद राजा वर्मा का पार्थिव शरीर रांची लाया गया, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। राजा वर्मा के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे को खोने के गम से परिजन अभी उबर भी नहीं पाए हैं। ऐसे समय में मंत्री संजय प्रसाद यादव का परिवार के घर पहुंचना और व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की संवेदनशीलता का संदेश देता है। मंत्री ने परिजनों से मुलाकात के दौरान उनकी स्थिति और जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार परिवार के साथ खड़ी है। आर्थिक सहायता परिवार के सदस्य की कमी को पूरा नहीं कर सकती, लेकिन सरकार का प्रयास है कि संकट की स्थिति में परिजनों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
इस मौके पर सांसद ’’महुआ मांजी’’ ने भी राजा वर्मा के परिवार के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि परिवार को इस कठिन समय में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। मंत्री और सांसद की मौजूदगी में परिवार ने अपनी पीड़ा साझा की। परिजनों ने कहा कि राजा के असमय निधन ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बेटे की मौत का दुख ऐसा है, जिसकी भरपाई किसी भी सहायता से संभव नहीं है। हालांकि, सरकार की ओर से मिले सहयोग से परिवार को मुश्किल समय में कुछ राहत जरूर मिलेगी।
राजा वर्मा की मौत ने विदेश में रहने वाले झारखंड के लोगों की सुरक्षा और आपात परिस्थितियों में उनके पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने जैसे मुद्दों को भी सामने ला दिया है। ऐसे मामलों में परिजनों के सामने भावनात्मक संकट के साथ-साथ कानूनी और आर्थिक परेशानियां भी खड़ी हो जाती हैं। राजा वर्मा के मामले में सरकार की पहल से उनका पार्थिव शरीर रांची पहुंच सका। किशोरगंज में राजा वर्मा के घर पहुंचकर मंत्री द्वारा सहायता राशि सौंपे जाने को स्थानीय लोगों ने भी सकारात्मक कदम बताया। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और सरकार की मौजूदगी से दुख की घड़ी में परिवार को मानसिक संबल मिलता है।
राजा वर्मा अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके जाने का दर्द परिवार और परिचितों के बीच लंबे समय तक रहेगा। सरकार की ओर से मिली आर्थिक सहायता तत्काल जरूरतों में परिवार के लिए सहारा बनेगी। वहीं, मंत्री संजय प्रसाद यादव और सांसद महुआ मांजी के हरसंभव सहयोग के आश्वासन ने परिवार को भविष्य में भी सरकारी मदद की उम्मीद दी है। विदेश में हुए हादसे से शुरू हुई यह त्रासदी अब परिवार के लिए एक ऐसी स्मृति बन गई है, जिसकी पीड़ा लंबे समय तक बनी रहेगी।
