सरला बिरला विश्वविद्यालय और सी-डैक पटना के बीच हुआ एमओयू, शोध और तकनीकी सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

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मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू), रांची और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक), पटना के बीच अकादमिक, शोध, नवाचार और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू पर हस्ताक्षर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने किए। इस समझौते से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों को उभरती तकनीकों के क्षेत्र में अध्ययन, प्रशिक्षण और शोध के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. सी. जगनाथन और कुलसचिव प्रो. एस.बी. दंडीन सहित विश्वविद्यालय के डीन, एसोसिएट डीन, विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ शिक्षक मौजूद रहे। वहीं सी-डैक पटना की ओर से वरिष्ठ वैज्ञानिक सह केंद्र प्रमुख अभिनव दीक्षित, वैज्ञानिक निशांत कुमार शेखर, साकेत झा और अमरजीत शर्मा शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सी-डैक की ओर से संस्थान की विभिन्न गतिविधियों और अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। साथ ही एसबीयू के साथ संभावित सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रस्तुति में डिजिटल ट्विनिंग, स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं मशीन लर्निंग (एमएल) जैसी उभरती तकनीकों को प्रमुखता से रखा गया।

प्रतिनिधियों ने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश में उच्च शिक्षण संस्थानों और तकनीकी शोध संस्थानों के बीच सहयोग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में मिलने वाली सैद्धांतिक शिक्षा के साथ तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और शोध की दिशा में काम करने का अवसर मिलेगा। दोनों संस्थानों के बीच सहयोग से नई तकनीकों पर आधारित परियोजनाओं को भी गति मिलने की संभावना है। एमओयू के तहत संयुक्त शोध एवं विकास गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सेमिनार, इंटर्नशिप, छात्र परियोजनाएं, कौशल विकास और क्षमता निर्माण जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। तकनीक आधारित शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग और शोध के बदलते स्वरूप के अनुरूप तैयार करने पर भी जोर रहेगा। विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार, सी-डैक के साथ सहयोग से एसबीयू के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उन्नत कंप्यूटिंग तथा नई तकनीकों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने, शोध परियोजनाओं पर काम करने और भविष्य में तकनीकी क्षेत्र में बेहतर करियर के लिए अपनी क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए भी संयुक्त शोध और विशेषज्ञों के साथ संवाद के नए रास्ते खुलेंगे।

इस अवसर पर एसबीयू के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान और राज्यसभा सांसद सह निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने एमओयू पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संस्थागत सहयोग से विश्वविद्यालय में शोध, नवाचार और तकनीकी शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह समझौता महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कार्यक्रम के अंत में दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने एमओयू पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में समझौते के तहत संयुक्त परियोजनाओं और शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।

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