



मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः
आपकी आँखों में कभी कोई गम न आए,
खुदा करे आप जो चाहे वो सब पा जाए।
मुबारक हो आपका यह हसीन जन्मदिन,
दुआ है मेरी कि आप पुनीत जी हमेशा यूँ ही मुस्कुराए।
रांचीः सुबह के सात बजे थे। संकल्प वाटिका स्थित योग सेंटर में रोज की तरह योगाभ्यास के लिए लोग जुटे थे, लेकिन उस दिन वातावरण में कुछ अलग ही रंग था। चेहरे पर मुस्कान, जुबान पर बधाइयां और दिल में शुभकामनाओं का भाव था। पक्षियों की चहचहाहट के बीच लोगों की खिलखिलाहट ने सुबह को और भी खुशनुमा बना दिया था। योग और अनुशासन के लिए पहचानी जाने वाली इस जगह पर उस दिन खुशियों का उत्सव सजा था।
पेशे से अधिवक्ता, मिजाज से हंसमुख और कर्म के प्रति लगन रखने वाले पुनीत कुमार की शख्सियत कुछ ऐसी है कि वे जहां रहते हैं, वहां अपनी मौजूदगी का एहसास जरूर छोड़ते हैं। विचारों में हिन्दुत्व के प्रति प्रतिबद्धता और अपनी बात को तार्किक ढंग से रखने का अंदाज उनकी अलग पहचान है। उनकी वैचारिक छवि से कुछ लोग सहमत हों या नहीं, लेकिन उनका सहज व्यवहार और हंसमुख स्वभाव परिचितों के बीच उन्हें खास बनाता है। शुक्रवार की सुबह रांची के मोरहाबादी स्थित संकल्प वाटिका योग सेंटर में इसका खूबसूरत नजारा देखने को मिला, जहां पुनीत कुमार का जन्मदिन किसी औपचारिक समारोह की तरह नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य के उत्सव की तरह मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पुनीत कुमार को तिलक लगाकर स्वागत करने के साथ हुई। तिलक की यह परंपरा केवल जन्मदिन की बधाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि भारतीय संस्कृति, आत्मीयता और सम्मान की भावना को भी व्यक्त कर रही थी। इसके बाद ओडिशा की प्रसिद्ध मिठाई छेनापोड़ा से तैयार केक काटने की तैयारी हुई। जैसे ही पुनीत कुमार ने केक काटा, वहां मौजूद लोगों के चेहरे खिल उठे। बड़े हों या जवान, बच्चे हों या बुजुर्ग, सभी जन्मदिन के गीत गुनगुनाने लगे। तालियों, मुस्कान और ठहाकों से पूरा योग सेंटर गूंज उठा। उस पल की खूबसूरती यही थी कि उम्र का अंतर और पेशे की व्यस्तता कहीं पीछे छूट गई थी। हर कोई अपनेपन के साथ इस खुशी में शामिल था। किसी के चेहरे पर उत्साह था, तो किसी की आवाज में आत्मीयता। केक काटने का यह छोटा-सा आयोजन देखते ही देखते एक यादगार सामूहिक उत्सव में बदल गया। सुबह का वह समय मानो पक्षियों की चहचहाहट से ज्यादा लोगों की खिलखिलाहट से गुलजार हो उठा। अलग-अलग पेशों और सामाजिक पृष्ठभूमियों से जुड़े इन लोगों का एक साथ जुटना इस बात का भी परिचायक था कि योग सेंटर केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुधारने की जगह नहीं, बल्कि आपसी मेलजोल और आत्मीय संबंधों का केंद्र भी है। यहां नियमित योगाभ्यास के साथ लोगों के बीच विश्वास, सम्मान और अपनत्व का रिश्ता भी मजबूत होता है। पुनीत कुमार के जन्मदिन पर यही भावना खुलकर सामने आई।
इस आयोजन की खास बात यह रही कि यहां जन्मदिन मनाने के लिए किसी भव्य सजावट या बड़े इंतजाम की जरूरत नहीं पड़ी। लोगों का स्नेह ही सबसे बड़ी सजावट था और उनकी मुस्कान ही समारोह की असली रौनक। योग सेंटर के सदस्यों ने जिस सहजता से पुनीत कुमार की खुशियों को साझा किया, उससे साफ झलका कि नियमित मुलाकातें कब आत्मीय रिश्तों में बदल जाती हैं, इसका पता ही नहीं चलता।
पुनीत कुमार के लिए यह जन्मदिन निश्चित रूप से खास रहा। रोज योग करने आने वाले साथी जब जीवन के एक विशेष दिन पर शुभकामनाएं देने के लिए एकजुट हों, तो वह अवसर केवल जन्मदिन नहीं रह जाता, बल्कि रिश्तों की गर्माहट का उत्सव बन जाता है। पुनीत कुमार के लिए साथियों का यह स्नेह किसी महंगे उपहार से कम नहीं था। तिलक, छेनापोड़ा केक, जन्मदिन के गीत और अपनों की मुस्कान ने इस अवसर को खास बना दिया। संकल्प वाटिका की यह सुबह एक संदेश भी दे गई कि जिंदगी की असली खुशी केवल बड़ी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि उन रिश्तों में भी छिपी होती है, जहां लोग किसी की खुशी को अपनी खुशी समझकर साझा करते हैं। योग की साधना के बीच मनाया गया यह जन्मदिन इसी आत्मीयता और सकारात्मकता की यादगार मिसाल बन गया।
संकल्प वाटिका की आज की सुबह ने एक सरल संदेश भी दिया -जीवन की असली खुशी महंगे उपहारों या भव्य आयोजनों में नहीं, बल्कि उन लोगों के साथ मुस्कुराने में है, जो हमारी खुशियों को अपनी खुशी समझते हैं। योग की साधना के बीच तिलक, छेनापोड़ा केक, जन्मदिन के गीत और सामूहिक ठहाकों ने पुनीत कुमार के जन्मदिन को ऐसा यादगार बना दिया, जिसकी मिठास केक के स्वाद से कहीं अधिक देर तक बनी रहने वाली थी। संकल्प वाटिका की यह सुबह एक संदेश भी दे गई कि जिंदगी की असली खुशी केवल बड़ी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि उन रिश्तों में भी छिपी होती है, जहां लोग किसी की खुशी को अपनी खुशी समझकर साझा करते हैं। योग की साधना के बीच मनाया गया पुनीत कुमार का यह जन्मदिन इसी आत्मीयता और सकारात्मकता की यादगार मिसाल बन गया।
इस अवसर पर योग सेंटर में गुरुजी के नाम से मशहूर गजेन्द्र सिंह, जीएसटी अधिकारी सुनील कुमार सिन्हा, अधिकारी रतन वर्मा, राजेश खंडेलवाल, उदय सिंह, मुकेश कुमार, प्रसिद्ध व्यवसायी कमल सिंहानिया, व्यवसायी कमल अग्रवाल, अधिवक्ता विनोद सिंह, मुखर संवाद के संपादक अशोक कुमार, वरिष्ठ एंकर एवं संवाददाता शिल्पी यादव, व्यवसायी संजय पोद्दार, ललित चौधरी, भाजपा नेता उपेन्द्र रजक, अशोक रजक, पूनम मिश्रा, हेमलता मिश्रा, रीना श्रीवास्तव, पिंकी कुमारी, रानी कुमारी, नेहा, दीपा मक्कड़ और ममता कुमारी सहित कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने पुनीत कुमार को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की।
