
मुखर संवाद के लिए शिल्पी यादव की रिपोर्ट
आरा : भोजपुर जिले के बड़हरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सूरजभान सिंह ने नीट परीक्षा और छात्रों के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की है।
सूरजभान सिंह ने जारी बयान में कहा कि भारत ऋषि-मुनियों और त्याग की परंपरा वाला देश है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर अमानवीय कार्रवाई की गई, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी ने कानून का उल्लंघन किया है, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि वे छात्रों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनें और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में पहल करें। सूरजभान सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना देशद्रोह नहीं माना जाना चाहिए और सरकार को विरोध की आवाज को संवेदनशीलता के साथ सुनना चाहिए।
नीट परीक्षा से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं और उनके परिवार भी आर्थिक एवं मानसिक रूप से बड़ी उम्मीदों के साथ उनका सहयोग करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सूरजभान सिंह ने यह भी कहा कि कई छात्र अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे और उनके अनुसार वे अपने अधिकारों तथा न्याय की मांग कर रहे थे। उन्होंने सरकार से युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से करने की अपील की।
अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि देश के युवा ही भारत का भविष्य हैं। इसलिए उनकी शिक्षा, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
