
मुखर संवाद के लिये शिल्पी यादव की रिपोर्टः-
रांची: सत्य, अहिंसा और मानवता के अमर संदेश के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर गुरुवार को रांची का मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका एक बार फिर गांधी विचारों का साक्षी बना। गांधी जयंती के पावन अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बापू वाटिका पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूरा परिसर बापू के प्रिय भजनों और देशभक्ति के गीतों से गुंजायमान रहा। गांधी जयंती के इस गरिमामयी अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास का ऐसा महत्वपूर्ण दिन है, जिसे देश के अस्तित्व तक कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी हम सभी यहां एकत्रित होकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश की महान विभूतियों को श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का दुनिया में एक अलग और गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। इस देश की धरती ने ऐसी महान विभूतियों को जन्म दिया, जिन्होंने अपने विचारों, संघर्ष और त्याग से देश का मार्गदर्शन किया। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को हथियार बनाकर न केवल देश को आजादी की राह दिखाई, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता और शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि ऐसी महान विभूतियां इस धरती पर जन्मीं और उन्होंने अपने जीवन से देश और समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी हमारे लिए प्रेरणा हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू का जीवन दर्शन किसी एक कालखंड तक सीमित नहीं है। उनके विचार और सिद्धांत युगों-युगों तक मानवता का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि गांधीजी ने समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को हमेशा सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। उनका सपना ऐसे भारत का था, जहां किसी व्यक्ति को उसके सामाजिक या आर्थिक हालात के कारण पीछे न रहना पड़े। राज्य सरकार भी बापू के सिद्धांतों और विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ संकल्पित है। गांधी जयंती का यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बापू के विचारों को अपने जीवन और सामाजिक व्यवस्था में उतारने का अवसर भी बना। सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता जैसे गांधी के विचार आज भी समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। समारोह में सांसद संजय सेठ, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक कल्पना सोरेन सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। बापू वाटिका का वातावरण इस दौरान पूरी तरह गांधीमय नजर आया। गांधीजी के प्रिय भजनों की मधुर धुन और देशभक्ति के गीतों ने पूरे परिसर को भावपूर्ण बना दिया। श्रद्धांजलि के इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने बापू के बताए सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। महात्मा गांधी का जीवन हमें यह सिखाता है कि बदलाव केवल सत्ता और शक्ति से नहीं, बल्कि विचार, सत्य और आत्मबल से भी संभव है। गांधी जयंती पर रांची की बापू वाटिका में उमड़ी श्रद्धा ने एक बार फिर यही संदेश दिया कि ’’बापू शरीर से भले हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार आज भी भारत की आत्मा में जीवित हैं।’’
